वाराणसी के महत्वाकांक्षी काशी रोपवे प्रोजेक्ट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहां निर्माण कार्य का 96 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च 2023 को इस बुनियादी ढांचा परियोजना की आधारशिला रखी थी।
वाराणसी कैंट से गोदौलिया तक 3.85 किलोमीटर लंबे इस रोपवे के दिसंबर 2026 तक संचालन शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल इसमें अंतिम परीक्षण और सुरक्षा आकलन का काम चल रहा है।
किराया और सुविधाओं का विवरण
इस प्रोजेक्ट में 148 गोंडोला होंगे, जिनमें से प्रत्येक में 10 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। पूरे रूट को तय करने में कुल 16 मिनट का समय लगेगा।
इस मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए गए हैं:
- वाराणसी कैंट
- काशी विद्यापीठ
- रथ यात्रा
- गिरजाघर (यह केवल एक तकनीकी स्टेशन होगा)
- गोदौलिया
किराये की बात करें तो छोटे स्टेशन-टू-स्टेशन हिस्सों के लिए शुरुआती किराया 10 रुपये है, जबकि कैंट से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा का किराया 50 रुपये तय किया गया है। ‘काशी स्मार्ट पास’ धारकों को 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जिससे किराया 40 रुपये होगा।
सिस्टम में हर साल 1 अप्रैल से किराये में 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का प्रावधान है। ग्रुप्स के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिनका किराया प्रति ट्रिप 2,000 रुपये और संस्थागत बुकिंग के लिए 1,200 रुपये है।
यात्री 7 किलोग्राम तक सामान ले जा सकते हैं; इससे अधिक सामान होने पर अतिरिक्त टिकट खरीदना होगा। कैंट स्टेशन पर क्लॉक रूम की सुविधा होगी, जहां टिकट धारकों को दो घंटे मुफ्त स्टोरेज मिलेगा, जिसके बाद 15 किलोग्राम तक के वजन के लिए 50 रुपये प्रति घंटे का शुल्क लिया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट को NHML के समन्वय से Vishwa Samudra Engineering Private Limited द्वारा पूरा किया जा रहा है।









