डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी आगामी दीपोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियों में जुटी है। 4 नवंबर को सुबह 8:00 बजे स्वयंसेवकों की एक टीम 25 बसों में सवार होकर यूनिवर्सिटी कैंपस से दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना होगी। वहां पहुंचने के बाद घाटों पर दीये रखने का औपचारिक कार्य शुरू किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि युवा स्वयंसेवक इस भव्य उत्सव के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। घाटों पर दीयों की कतार लगाकर प्रत्येक दीया स्वयंसेवकों के समर्पण, अनुशासन और भक्ति को दर्शाएगा। यूनिवर्सिटी को उम्मीद है कि ये ऊर्जावान स्वयंसेवक अपनी मेहनत और सेवा से एक नया वैश्विक रिकॉर्ड बनाएंगे और इस ऐतिहासिक आयोजन को गौरव की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
परिवहन और सुरक्षा के इंतजाम
ट्रांसपोर्टेशन कमेटी कोऑर्डिनेटर प्रो. अनूप कुमार के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों के आवागमन की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रो. कुमार ने पुष्टि की कि सभी 25 बसों को निर्धारित रूट और शेड्यूल के अनुसार व्यवस्थित किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी स्वयंसेवक सुरक्षित, सुचारू और समय पर अपने आवंटित घाटों का प्रभार लेने के लिए स्थल पर पहुंच जाएं।
सभी प्रतिभागी स्वयंसेवकों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यक्रम की सुबह निर्धारित समय से पहले अपने पहचान पत्रों के साथ पहुंचें और अनुशासित तरीके से बसों में सवार हों।









