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भ्रामक विज्ञापन के कारण Britannia Industries पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया

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Naradsamvad - Narad news Agency
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सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने Britannia Industries Limited पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने अपने विज्ञापनों में यह दावा किया था कि उसकी ब्रेड 100 प्रतिशत गेहूं से बनी है, जिसे भ्रामक पाया गया।

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अथॉरिटी ने 22 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के जरिए कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन विज्ञापनों को तुरंत बंद करे। साथ ही, कंपनी को 15 दिनों के भीतर इस बात की रिपोर्ट देनी होगी कि उसने इन निर्देशों का पालन किया है।

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पैकेजिंग और विज्ञापन में अंतर की जांच

CCPA ने यह कार्रवाई अपनी तरफ से एक जांच शुरू करने के बाद की है। जांच के दौरान अथॉरिटी ने देखा कि कंपनी के मार्केटिंग दावों और प्रोडक्ट की पैकेजिंग के बीच बड़ा अंतर था।

विज्ञापनों में इस प्रोडक्ट को ‘100 प्रतिशत होल व्हीट ब्रेड’ के तौर पर प्रमोट किया जा रहा था। लेकिन जब पैकेजिंग की जांच की गई, तो वहां स्पष्ट रूप से लिखा था कि इसमें गेहूं के आटे की मात्रा केवल 62 प्रतिशत है।

कंपनी की दलील और अथॉरिटी का फैसला

जांच के दौरान Britannia Industries Limited ने स्वीकार किया कि ब्रेड में गेहूं के आटे की मात्रा केवल 62 प्रतिशत ही है। कंपनी ने बताया कि बाकी के हिस्से में चावल की भूसी (rice bran) जैसे अन्य सामग्री शामिल हैं।

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कंपनी ने अपनी दलील में कहा कि विज्ञापन में किए गए दावे प्रोडक्ट की क्वालिटी से जुड़े थे। हालांकि, CCPA ने कंपनी के इस बचाव को खारिज कर दिया। अथॉरिटी ने कहा कि इन विज्ञापनों से ग्राहकों के बीच यह गलत धारणा बनी कि ब्रेड पूरी तरह से गेहूं से बनी है।

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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत इस मामले को भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में रखा गया है। इस वजह से कंपनी पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।

अथॉरिटी ने कंपनी को निम्नलिखित माध्यमों पर विज्ञापन अभियान तुरंत रोकने का आदेश दिया है:

  • प्रिंट मीडिया (अखबार और पत्रिकाएं)
  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी और रेडियो)
  • इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया और वेबसाइट्स)

कंपनी को अब 15 दिनों की समय सीमा के भीतर इन सभी प्लेटफॉर्म से विज्ञापन हटाने का औपचारिक प्रमाण पेश करना होगा।

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