Skip to main content

Naradsamvad

Amazon और Tata Motors की बड़ी साझेदारी, दिल्ली में उतरेंगे 3000 इलेक्ट्रिक ट्रक

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
5 Min Read

Amazon और Tata Motors ने एक साझेदारी की घोषणा की है जिसके तहत ई-कॉमर्स कंपनी के भारतीय परिवहन नेटवर्क में 3000 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात किए जाएंगे। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री H. D. Kumaraswamy ने दिल्ली में इस बड़े पैमाने की इलेक्ट्रिक फ्रेट पहल की शुरुआत के लिए फ्लैग-ऑफ समारोह का नेतृत्व किया।

Ad image

यह सहयोग भारत में किसी ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा इलेक्ट्रिक ट्रकों की सबसे बड़ी तैनाती है। इसके जरिए Amazon अपनी इलेक्ट्रिफिकेशन कोशिशों को केवल आखिरी मील की डिलीवरी (last-mile delivery) तक सीमित न रखकर अब मिडिल-माइल और हाईवे फ्रेट सेगमेंट तक बढ़ा रहा है।

Business Standard और CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यवस्था में Tata Motors वाहनों की आपूर्ति करने वाले सप्लायर के रूप में काम करेगी। इन ट्रकों के बेड़े को खरीदने और चलाने की जिम्मेदारी Amazon के कैरियर पार्टनर्स की होगी।

तीन साल का लक्ष्य और रूट विस्तार

Amazon के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने पुष्टि की है कि कंपनी अगले तीन वर्षों के भीतर सभी 3000 ट्रकों को तैनात करने की योजना बना रही है। शुरुआती चरण में दिल्ली में हल्के और मध्यम श्रेणी के ट्रकों को सेवा में लगाया जा रहा है।

ALSO READ  देवरिया में गर्भवती महिला की हत्या का खुलासा, पति समेत परिवार ने सुपारी किलर से कराई थी हत्या

इस रोलआउट का समय त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ने वाले माल ढुलाई के दबाव को ध्यान में रखकर तय किया गया है। इसके बाद दोनों कंपनियों का लक्ष्य NH48 पर दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई के बीच फैले 2,800 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक बनाना है।

The Economic Times और The Hindu BusinessLine की रिपोर्ट के मुताबिक, यह रूट सात राज्यों और छह प्रमुख ई-कॉमर्स क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है।

Tata Ultra E.7 ट्रकों की तकनीकी खासियतें

सेवा में शामिल होने वाले पहले ट्रक Tata Ultra E.7 मॉडल के हैं। ये वाहन शहरी और क्षेत्रीय वितरण के लिए बनाए गए हैं, जो ई-कॉमर्स, कूरियर सेवाओं और FMCG जैसे क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेंगे।

Tata Motors के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, Ultra E.7 में 96 kWh की लिथियम-आयरन फॉस्फेट बैटरी लगी है। इसका ट्रैक्शन मोटर 240 kW की पीक पावर और 950 Nm का पीक टॉर्क प्रदान करता है।

इन ट्रकों का ग्रॉस व्हीकल वेट (GVW) 7,000 से 7,500 किलोग्राम के बीच है और इनकी पेलोड क्षमता लगभग 3,100 किलोग्राम है। ड्राइवरों के लिए इसमें 14-फुट लंबा डेक दिया गया है।

ALSO READ  अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के तूफान से भारत की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत, सीरीज में किया कब्जा

सड़क की स्थिति और कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर इसकी ऑपरेटिंग रेंज 130 से 180 किलोमीटर तक है। सुरक्षा के लिए इसमें निम्नलिखित फीचर्स दिए गए हैं:

  • इंटीग्रेटेड ई-एक्सल (e-axle)
  • रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम
  • हाई-वोल्टेज सुरक्षा प्रणालियों से लैस क्रैश-टेस्टेड केबिन

ये ट्रक CCS2 फास्ट चार्जिंग स्टैंडर्ड के अनुकूल हैं। हालांकि, Tata Motors ने इस बेड़े के लिए यूनिट प्राइस या कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का खुलासा नहीं किया है।

नेट-जीरो लक्ष्य और सरकारी योजनाओं का लाभ

Amazon वर्तमान में भारत के 500 से अधिक शहरों में आखिरी मील की डिलीवरी के लिए 15,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चला रहा है। मिडिल-माइल में कदम रखकर कंपनी अपने लॉजिस्टिक्स संचालन को बढ़ाना चाहती है और 2040 तक नेट-जीरो लक्ष्य को हासिल करना चाहती है।

कैरियर पार्टनर्स के लिए यह बदलाव चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता और उपयोग दरों पर निर्भर करेगा। यह पूरी तैनाती PM E-DRIVE योजना से लाभान्वित होगी, जिसका कुल बजट ₹10,900 करोड़ है।

इस राष्ट्रीय योजना के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसकी गणना इन तीन विकल्पों में से जो सबसे कम होगा, उसके आधार पर की जाती है:

  • बैटरी क्षमता के प्रति kWh पर ₹5,000
  • एक्स-फैक्ट्री कीमत का 10%
  • भारी श्रेणियों के लिए GVW आधारित कैप जो ₹9.6 लाख तक हो सकती है
ALSO READ  बाराबंकी एसपी रवीना त्यागी ने सात सब-इंस्पेक्टर्स को इंस्पेक्टर पद पर किया प्रमोट

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को आमतौर पर अपना पुराना ट्रक स्क्रैप करना होता है। इसके अलावा दिल्ली की 2026 EV पॉलिसी भी इसमें मदद कर रही है।

यह पॉलिसी पॉलिसी लॉन्च के तीन महीने के भीतर पंजीकृत पहले 1,000 निजी मध्यम-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रकों को दस साल तक किसी भी समय शहर में प्रवेश की अनुमति देती है। इससे वे मानक नो-एंट्री प्रतिबंधों से बच सकेंगे।

Amazon अपने बेड़े के रखरखाव के लिए Yahhvi जैसे पार्टनर्स के समर्पित चार्जिंग हब का उपयोग कर रहा है। अब त्योहारी सीजन के दौरान इन ट्रकों के प्रदर्शन, रेंज और अपटाइम की निगरानी की जाएगी। भविष्य के विस्तार की गति दिल्ली कॉरिडोर की सफलता और NH48 चार्जिंग मैप के विकास पर निर्भर करेगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!