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शाहजहाँपुर पुलिस ने C-Plan ऐप से जोड़ा 52,853 नागरिकों को, अपराध नियंत्रण और खोज में मिली मदद

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Naradsamvad - Narad news Agency
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उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में पुलिसिंग को अधिक स्मार्ट और प्रभावी बनाने के लिए C-Plan (कम्युनिटी पुलिसिंग प्लान) ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस डिजिटल पहल के जरिए पुलिस ने गांवों और शहरी इलाकों में नागरिकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है।

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यह नेटवर्क अपराधों से जुड़ी जानकारी जुटाने और लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाने में बहुत मददगार साबित हो रहा है। अब तक इस डिजिटल नेटवर्क में कुल 52,853 नागरिकों को जोड़ा जा चुका है।

इस नेटवर्क में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को शामिल किया गया है। इसमें ग्राम प्रधान, ब्लॉक विकास परिषद सदस्य, शिक्षक और अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।

लापता व्यक्ति को परिवार से मिलाने में मिली सफलता

हाल ही में एक मामला सामने आया जब सुल्तानपुर जिले के हरचंदपुर गांव के निवासी रामसुख यादव रास्ता भटक गए थे। वह 19 अक्टूबर को तिलहर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे थे और वहां से लापता हो गए थे।

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उनके परिवार ने बरेली, शाहजहाँपुर और हरदोई समेत कई स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। 21 अक्टूबर को पुलिस को रामसुख तिलहर के बीरसिंहपुर चौकी के पास मिले।

पुलिस ने उनकी पहचान और गांव की जानकारी जुटाने के लिए C-Plan ऐप का उपयोग किया। ऐप के जरिए पुलिस को गांव के प्रशासक प्रेम कुमार यादव और पूर्व ग्राम प्रधान सज्जन लाल गुप्ता के मोबाइल नंबर मिल गए। इन लोगों से संपर्क करने के बाद रामसुख को उनके परिवार तक पहुँचाना आसान हो गया।

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ठगी के मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

एक अन्य घटना बांदा इलाके की है, जहाँ बलवीर सिंह नाम के व्यक्ति को सोलर पैनल लगाने का झूठा वादा करके ठगा गया था। इस धोखाधड़ी के कारण उनके नाम पर लोन भी ले लिया गया था।

पुलिस ने जब इस मामले की जांच की, तो कुछ संदिग्ध व्यक्ति बरेली से जुड़े पाए गए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित गांव के पंजीकृत प्रतिष्ठित नागरिकों के मोबाइल नंबरों के जरिए C-Plan ऐप की मदद से आरोपियों से संपर्क किया।

इस डिजिटल नेटवर्क की वजह से आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिससे जांच आगे बढ़ी और इस मामले में शामिल अन्य लोगों का खुलासा भी हो सका।

सूचना प्रसार और मामलों के निपटारे में प्रभाव

C-Plan ऐप केवल संपर्क रिकॉर्ड रखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह पुलिस के लिए सूचनाएं फैलाने का एक प्रभावी माध्यम भी बन गया है। पुलिस इस ऐप के जरिए स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कर रही है।

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अक्टूबर महीने के आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने ऐप पर दर्ज मोबाइल नंबरों का उपयोग करके कुल 558 कॉल किए। इन कॉल्स के जरिए 139 मामलों को आसानी से सुलझा लिया गया और अन्य मामलों में भी अहम जानकारियां जुटाई गईं।

C-Plan के जरिए पुलिस और आम जनता के बीच का संबंध मजबूत हो रहा है। इससे पुलिस को स्थानीय जानकारी जुटाने, जांच की रफ्तार बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों तक तेजी से पहुँचने में काफी सुविधा मिल रही है।

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