बहराइच जिले के जरवल रोड थाना क्षेत्र के गोंदौरा गांव के कडेरा में एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान आग लगने से 28 वर्षीय कोमल की मौत हो गई है। कोमल बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के पुरैना गांव की रहने वाली थी और विक्रम की पत्नी थी।
इस हादसे में कोमल को गंभीर रूप से जलने के कारण अस्पताल में दम तोड़ना पड़ा। कोमल के पिता राकेश ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया गया।
इसी घटना में 22 अगस्त को एक और हादसा हुआ था जिसमें ब्रज बिहारी गुप्ता की चार साल की बेटी आयुषी गुप्ता की भी मौत हो गई थी। वहीं कोमल का बेटा सिद्धार्थ इस आग में झुलस गया, जिसका इलाज वर्तमान में लखनऊ में चल रहा है।
पारिवारिक कार्यक्रम में हुआ हादसा
परिजनों के मुताबिक कोमल 26 अगस्त को अपने बेटे सिद्धार्थ और अपने देवर के बेटे के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने कडेरा गई थी। वहां तनेन्द्र सिंह की पत्नी नीलम सिंह ने हवन-पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया था।
इसी पूजा-पाठ के दौरान अचानक आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से कोमल बुरी तरह झुलस गई। घटना के तुरंत बाद कोमल को ऑटो रिक्शा के जरिए मुस्तफाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
हालत नाजुक होने के कारण उसे पहले बहराइच और फिर लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार कोमल का करीब 90 प्रतिशत शरीर जल गया था और उसके फेफड़ों और किडनी को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था।
पिता ने लगाया हत्या का गंभीर आरोप
कोमल के पिता राकेश का दावा है कि उनकी बेटी ने बार-बार यह बात कही थी कि उस पर पेट्रोल डाला गया और फिर आग लगाई गई। राकेश ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के समय किसी ने भी कोमल को बचाने की कोशिश नहीं की।
परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि हवन के दौरान पेट्रोल और माचिस के इस्तेमाल से आग भड़की। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
गांव में शोक की लहर
रविवार शाम को जब कोमल का शव पुरैना गांव पहुंचा, तो वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। गांव के लोग दोनों मृतकों की मौत पर गहरा दुख जता रहे हैं।
इस दुखद घटना के बाद से कोमल के पति विक्रम गहरे सदमे और मानसिक तनाव में हैं।









