जबलपुर के Richhai औद्योगिक क्षेत्र में स्थित Parle-G बिस्किट बनाने वाली फैक्ट्री में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को भीषण आग लग गई। यह आग दोपहर 2:00 बजे से 2:15 बजे के बीच फैक्ट्री के पैकिंग सेक्शन में शुरू हुई थी।
इस भयानक आग की वजह से लगभग 1,000 टन तैयार बिस्किट का स्टॉक पूरी तरह नष्ट हो गया। आग इतनी तेज थी कि इसने फैक्ट्री की मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
प्लांट डायरेक्टर Ramgopal Agarwal ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं के पहुँचने से पहले फैक्ट्री के कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक आग बुझाने की कोशिश की। हालांकि, वहां मौजूद भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई और उसने विकराल रूप ले लिया।
दमकल की 25 गाड़ियों और SDRF की मदद से पाया काबू
जबलपुर के Additional Superintendent of Police (ASP) Manish Bhardwaj ने पुष्टि की कि घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पांस टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। आग पर काबू पाने के लिए नगर निगम, Vehicle Factory और Cantt Board से 25 से ज्यादा फायर टेंडर और पानी के टैंकर बुलाए गए।
कुल मिलाकर 40 से अधिक वाहनों का इस्तेमाल किया गया और पानी के 120 फेरे लगाए गए तब जाकर आग पर नियंत्रण पाया जा सका। इस पूरे ऑपरेशन में State Disaster Response Force (SDRF) की टीमों ने भी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
नगर निगम के फायर सुपरिंटेंडेंट Kushagra Thakur ने बताया कि फैक्ट्री में ज्वलनशील सामग्री का बहुत बड़ा स्टॉक था, जिसकी वजह से आग को बुझाना काफी मुश्किल हो गया था।
शॉर्ट सर्किट की आशंका और भारी आर्थिक नुकसान
ASP Bhardwaj द्वारा की गई शुरुआती जांच में इस आग का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष Forensic Science Laboratory (FSL) की टीम द्वारा विश्लेषण के बाद ही निकाला जाएगा।
आग इतनी भीषण थी कि इसका धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। यह आग तीन से सात घंटे तक जलती रही और देर रात तक बीच-बीच में लपटें उठती रहीं। राहत की बात यह रही कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी भी तरह की जनहानि या गंभीर चोट की खबर नहीं मिली।
नुकसान के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, मशीनरी को 4 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है। कुल नुकसान का अनुमान 20 करोड़ रुपये से ज्यादा लगाया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि जब साइट पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी, तब नुकसान का विस्तृत ऑडिट किया जाएगा।

























