श्री रामलीला कमेटी अमेठी द्वारा आयोजित 10 दिवसीय रामलीला महोत्सव का आठवां दिन मनाया गया। कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जिन्हें राजेश मसाला के नाम से भी जाना जाता है, के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर रामलीला मैदान में हनुमान जी की लंका यात्रा, अशोक वाटिका में माता सीता की खोज और लंका दहन के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। देर रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन को देखने के लिए जुटे रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद डॉ संजय सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने उनका स्वागत किया। इसके बाद डॉ सिंह ने श्री राम दरबार की आरती की और प्रार्थना की कि क्षेत्र के निवासियों को सुख, शांति, समृद्धि और अच्छी सेहत मिले।
भगवान राम के आदर्शों पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए डॉ संजय सिंह ने कहा कि भगवान श्री राम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि सत्य, गरिमा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलना उनके जीवन की मुख्य सीख है।
डॉ सिंह ने आगे कहा कि यदि समाज में इन आदर्शों को अपनाया जाए, तो आपसी प्रेम और भाईचारे को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने रामचरितमानस के मूल्यों को जीवन में उतारने की बात कही।
लंका यात्रा और हनुमान जी के साहस का चित्रण
नाटकीय प्रस्तुति के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रसंग दिखाए गए। इसमें गिद्ध राज संपति द्वारा वानर सेना का मार्गदर्शन करना और हनुमान जी को उनकी सोई हुई शक्तियों की याद दिलाने वाले दृश्य शामिल थे।
कलाकारों ने समुद्र पार करने के दौरान हनुमान जी के संघर्ष को दिखाया। सुरसा और सिंहिका जैसी बाधाओं को पार करना और लंका के द्वारों पर लंकिनी से हुई मुठभेड़ को जीवंत तरीके से पेश किया गया।
कार्यक्रम के अन्य मुख्य हिस्सों में ये प्रसंग शामिल थे:
- हनुमान जी की विभीषण से मुलाकात।
- अशोक वाटिका में माता सीता का मिलना।
- रावण की सभा में हनुमान और रावण के बीच तीखा संवाद।
- लंका दहन का नाटकीय दृश्य।
भक्तिमय माहौल और गणमान्य लोगों की उपस्थिति
मंचन के दौरान भगवान श्री राम द्वारा समुद्र की पूजा करने और शिव प्रतिमा की स्थापना करने के दृश्य भी दिखाए गए। इसके बाद वानर सेना का लंका की ओर प्रस्थान दिखाया गया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान रामलीला मैदान ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंजता रहा। इस मौके पर कई स्थानीय लोग और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सतीश श्रीवास्तव, नांके सिंह और गोविंद सिंह चौहान शामिल थे। इनके साथ ही रामलीला कमेटी के अन्य सदस्य, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

























