बाराबंकी की ऐतिहासिक रामलीला में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। दशरथबाग रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में अक्षय कुमार वध और लंका दहन के नाटकीय दृश्यों का मंचन किया गया।
इस अवसर पर रावण की एक भव्य सवारी निकाली गई। यह सवारी धनुष यज्ञ मैदान से शुरू होकर पूरे शहर से गुजरी, जिसे देखने के लिए सड़कों और छतों पर भारी भीड़ जमा रही।
रावण की प्रभावशाली सेना और उसका पुष्पक विमान में आगमन कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। प्रदर्शन के दौरान दिखाया गया कि भगवान राम ने माता सीता की खोज के लिए हनुमान जी को दक्षिण की ओर भेजा और उन्हें एक दिव्य अंगूठी दी।
हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुंचना और लंका दहन
हनुमान जी अशोक वाटिका पहुंचे और वहां माता सीता को अपनी पहचान बताई। माता सीता से अनुमति लेने के बाद उन्होंने वहां के फल खाए और बगीचे को नुकसान पहुंचाया।
इस घटना से क्रोधित होकर रावण ने अपने पुत्र अक्षय कुमार को हनुमान जी का सामना करने के लिए भेजा। हनुमान जी ने अक्षय कुमार का वध कर दिया, जिससे रावण और अधिक क्रोधित हो गया।
इसके बाद रावण ने मेघनाथ को भेजा, जिसने नागपाश का उपयोग करके हनुमान जी को पकड़ लिया और उन्हें राजदरबार में लाया। दरबार में रावण ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया।
इसके बाद हनुमान जी ने विशाल रूप धारण किया और पूरे शहर में कूदते हुए सोने की लंका को जला दिया। इस दृश्य को देखकर भीड़ ने ‘जय श्री राम’ के जयकारे लगाए।
कलाकारों की मेहनत और पारिवारिक परंपरा
इस नाटक का निर्देशन पंडित प्रमोद पाठक ने किया। रावण की भूमिका अमर सिंह ने निभाई, जो एक इंटीरियर बिजनेसमैन हैं। अक्षय कुमार का किरदार अभिषेक मिश्रा और हनुमान की भूमिका राजीव पाठक ने निभाई।
रावण का किरदार निभाने वाले अमर सिंह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं। उनके दादा स्वर्गीय रामचंद्र और पिता शिवकुमार वर्मा ने इस भूमिका को निभाया था, जिनमें से उनके पिता ने 26 वर्षों तक रावण का किरदार निभाया। अमर सिंह पिछले नौ वर्षों से यह भूमिका निभा रहे हैं और इसके लिए वे कड़े नियमों और व्रत का पालन करते हैं।
हनुमान की भूमिका निभाने वाले राजीव पाठक पेशे से वकील हैं। वे निर्देशक पंडित प्रमोद पाठक के पुत्र हैं और अपने पिता की प्रेरणा से यह किरदार निभाते हैं। वे प्रदर्शन की पूरी अवधि के दौरान व्रत रखते हैं और केवल फल खाते हैं।
आयोजन की तैयारी और समिति के सदस्य
रामलीला के लिए स्टेज और लंका का ढांचा राजेश वर्मा, राकेश वर्मा और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया था। आयोजन को सफल बनाने में समिति के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अनिल अग्रवाल और रामलखन
- शिवकुमार और राजकुमार वर्मा
- सरदार भूपेंद्र सिंह और अंकित गुप्ता गोलू
- राजेश कृष्णा और राजू पटेल
- संतोष सिंह, रामकुमार वर्मा, विनय सिंह और विक्रम सिंह
समिति ने कार्यक्रम के लिए की गई पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की काफी प्रशंसा की।

























