सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को 68500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लखनऊ स्थित आवास का घेराव किया।
प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों ने आरक्षण नियमों को लागू करने में हुई कथित विसंगतियों को लेकर न्याय की मांग की। उन्होंने दावा किया कि साल 2018 में शुरू हुई इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण घोटाला किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी कई तरह के नारे लगा रहे थे। उन्होंने “ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है” और “पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है” जैसे नारे लगाए।
आरक्षण नियमों में छूट और परिणामों में बदलाव की मांग
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों को 5 प्रतिशत की क्वालीफाइंग मार्क छूट देने में विफल रही है। वे चाहते हैं कि परिणामों को संशोधित किया जाए ताकि उन आवेदकों को योग्य माना जाए जिन्होंने 150 अंकों में से 60 अंक प्राप्त किए हैं।
उम्मीदवारों ने इस मांग के समर्थन में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की 16 जून 2026 की एक सिफारिश का हवाला दिया। इस सिफारिश में साल 2022 के एक प्रस्ताव को दोहराया गया था, जिसमें इस राहत को देने की बात कही गई थी।
पुलिस कार्रवाई और सरकार का कानूनी पक्ष
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया।
उम्मीदवारों का यह दावा है कि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने 10 सितंबर 2026 को हुई एक बैठक के दौरान अनियमितताओं को स्वीकार किया था।
दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रता मानदंडों को बदलना कानूनी रूप से गलत है। सरकार के इस रुख को 16 अप्रैल 2024 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी समर्थन दिया था।
मुख्यमंत्री से मुलाकात की उम्मीद
यह मामला काफी पुराना है और अभ्यर्थी कई सालों से इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगें अब भी अधूरी हैं और वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
विवाद को सुलझाने के लिए प्रदर्शनकारी अब मुख्यमंत्री के साथ बैठक की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से ही इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का अंत हो पाएगा।

























