केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने 19 अक्टूबर 2026 को भोपाल, Madhya Pradesh में नवमी के अवसर पर बेटियों के प्रति सम्मान और श्रद्धा दिखाने पर जोर दिया। उन्होंने इस दौरान Kanya Bhoj के गहरे सांस्कृतिक महत्व के बारे में बात की।
मंत्री ने कहा कि दिव्य माता केवल मंदिरों में ही नहीं रहतीं, बल्कि वे छोटी कन्याओं के भीतर भी वास करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के आयोजन केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि ये समाज के बुनियादी मूल्य हैं।
बेटियों की गरिमा और सम्मान का संकल्प
Shivraj Singh Chouhan ने आम जनता से यह संकल्प लेने की अपील की कि वे सभी बेटियों में दिव्य नारी का रूप देखें। उन्होंने कहा कि बेटियों की गरिमा को बनाए रखना और उनके सम्मान को कभी कम न होने देना बेहद जरूरी है।
मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि समाज को बेटियों के प्रति अपने नजरिए को बदलना होगा। उनका मानना है कि जब तक बेटियों को उचित सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक सांस्कृतिक मूल्यों का पालन अधूरा है।
देवी पूजा और सामाजिक जिम्मेदारी
यह संदेश उनके उन विचारों से मेल खाता है जो उन्होंने इसी सीजन में पहले साझा किए थे। 11 अक्टूबर 2026 को Sharadiya Navratri के पहले दिन Chouhan ने कहा था कि बेटियों और बहनों का सम्मान किए बिना देवी की पूजा अधूरी है, क्योंकि वे स्वयं दिव्य स्वरूप हैं।
इसके अलावा, 17 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित एक युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
- इस जिम्मेदारी में सरकार की भूमिका अहम है।
- समाज के हर वर्ग को इस कार्य में साथ देना होगा।

























