उत्तर प्रदेश के अमेठी में पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक बड़े गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस गिरोह का संचालन करने वाले तीन लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 के तहत मामला दर्ज किया है।
इस कार्रवाई का आधार संग्रामपुर पुलिस द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट है। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने 14 अक्टूबर, 2026 को इस गैंग चार्ट को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
गिरोह के सरगना और साथियों पर कार्रवाई
संग्रामपुर के थानाध्यक्ष संजय सिंह ने जानकारी दी कि इस मामले में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2(b)(i) और 3 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस गिरोह का मुख्य सरगना राहुल यादव है, जो अमेठी के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेडनामवाई के शुकुलडीह का निवासी है।
राहुल यादव के साथ दो अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल हैं। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरोह के सदस्यों की पहचान और अपराध का तरीका
पुलिस द्वारा की गई पहचान के अनुसार, गिरोह में शामिल अन्य दो आरोपियों के विवरण इस प्रकार हैं:
- गजाधर वर्मा, निवासी नया पुरवा, जोगपुर अंबारपुर (संग्रामपुर थाना क्षेत्र)
- आदित्य उर्फ करण, निवासी पांडे का पुरवा, टिकरिया (गौरीगंज थाना क्षेत्र)
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरोह चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने का काम करता था। इन लोगों का मुख्य उद्देश्य चोरी किए गए वाहनों को बेचकर अवैध धन और भौतिक लाभ कमाना था।
जनता में दहशत और पुलिस की अगली कार्रवाई
अधिकारियों का आरोप है कि इस आपराधिक गिरोह ने अवैध संपत्ति और धन का संचय किया है। गिरोह की इन आपराधिक गतिविधियों की वजह से आम जनता के बीच काफी डर और दहशत का माहौल बना रहता था।
जिलाधिकारी द्वारा गैंग चार्ट को मंजूरी मिलने के तुरंत बाद संग्रामपुर पुलिस ने औपचारिक रूप से यह मामला दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष संजय सिंह ने पुष्टि की है कि स्थापित नियमों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

























