दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब दीपके एनसीपी प्रवक्ता अनीस गवानडे के घर से निकलकर कनॉट प्लेस जा रहे थे।
अभिजीत दीपके कनॉट प्लेस में एक ‘तिरंगा मार्च’ निकालने की योजना बना रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में किया जाना था।
इस मार्च को लेकर अधिकारियों और न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) की तरफ से कड़ा विरोध किया गया। NDTA का तर्क था कि यह बिजनेस डिस्ट्रिक्ट है और यहाँ विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पाबंदियां
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पूरी नई दिल्ली इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया। यहाँ 6,000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस के जवान और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 220 कंपनियां तैनात की गईं।
सावधानी के तौर पर न्यू दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कनॉट प्लेस इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि NDMC की तरफ से तिरंगा यात्रा के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी।
पुलिस नोटिस और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को पहले दो औपचारिक नोटिस जारी किए थे। इनमें से एक नोटिस नई दिल्ली जिला पुलिस ने दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत दिया था, जिसमें उन्हें सेंट्रल पार्क में प्रवेश करने से मना किया गया था।
दूसरा नोटिस दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया था। यह नोटिस एयरपोर्ट पर उनके साथियों आशुतोष और सौरव से जुड़ी एक घटना के बाद निवारक हिरासत के संबंध में था, जिसमें उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने का आदेश दिया गया था।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CJP के मार्च के खिलाफ दायर एक याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 26 या 27 अक्टूबर की तारीख तय की है।
राजनीतिक हलचल और पुराने मामले
दूसरी ओर, दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने घोषणा की कि पार्टी कार्यकर्ता मध्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। आप पार्टी कार्यालय के सामने समर्थकों को झंडा फहराते हुए देखा गया।
अभिजीत दीपके का पुलिस के साथ टकराव का पुराना इतिहास रहा है। उनके पिछले कुछ मामलों की सूची इस प्रकार है:
- 10 अक्टूबर 2026 को उन्हें आशुतोष रंका और सौरभ दास के साथ हिरासत में लिया गया था। वे मुंबई से दिल्ली आए थे और जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
- 20 जुलाई 2026 को उन्हें संसद भवन के पास से हिरासत में लिया गया था।

























