पूर्व राज्यसभा सदस्य राजपाल सैनी ने 16 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस कदम से क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
राजपाल सैनी ने लखनऊ में अपनी नई नियुक्ति से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले साल 2021 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी से समाजवादी पार्टी का दामन संभाला था।
भाजपा से इस्तीफे की वजह और आरोप
अपनी पार्टी बदलने के दौरान राजपाल सैनी ने अपनी पूर्व पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के भीतर अपनेपन का अहसास नहीं हुआ और उन्हें वहां उचित सम्मान नहीं मिला।
अपनी विदाई पर बात करते हुए सैनी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा हिंदुत्व के नारे का इस्तेमाल एक राजनीतिक हथियार के रूप में करती है ताकि ‘अति पिछड़े’ समुदायों को अपने जाल में फंसाया जा सके।
समाजवादी पार्टी में शामिल होने का कारण
राजपाल सैनी ने बताया कि समाजवादी पार्टी में शामिल होने का उनका फैसला पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों और इरादों पर उनके भरोसे के कारण है। वह अखिलेश यादव की ‘PDA’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) रूपरेखा और उनकी प्रतिबद्धता से प्रभावित हैं।
लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने नए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने टिप्पणी की कि यह बदलाव तो बस एक शुरुआत है और उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी विधायक पार्टी में शामिल होंगे।
आगामी चुनाव और अन्य शामिल सदस्य
राजपाल सैनी ने आने वाले चुनाव के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि समाजवादी पार्टी नेतृत्व उन्हें अवसर देता है, तो वह मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
लखनऊ में हुए इस कार्यक्रम में केवल राजपाल सैनी ही नहीं, बल्कि विभिन्न पार्टियों के कई अन्य राजनीतिक चेहरे भी शामिल हुए। इन सभी नेताओं ने एक साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली।

























