News Leader और Matrize द्वारा किए गए एक चुनाव पूर्व सर्वे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलते हुए दिखाया गया है। 29 सितंबर, 2026 को जारी किए गए इस सर्वे के मुताबिक, BJP गठबंधन उत्तर प्रदेश विधानसभा की 267 सीटों पर कब्जा कर सकता है।
इसी सर्वे में समाजवादी पार्टी (SP) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के लिए अनुमान कम रहा है। इस गुट के खाते में 132 सीटें आने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) और अन्य छोटे दलों के लिए केवल दो-दो सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि ये आंकड़े एक खास संकेत देते हैं। उनके अनुसार, विपक्ष का राजनीतिक प्रभाव फिलहाल केवल मीडिया चर्चाओं तक सीमित है और चुनावी जमीन पर उनका दबदबा नजर नहीं आ रहा है।
NDA के समर्थन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता
एक अन्य सर्वे News18 UP Mega Survey ने भी इसी तरह के रुझान दिखाए हैं। यह सर्वे Pvalue Analytics के साथ मिलकर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 के बीच किया गया था और इसके नतीजे 16 अक्टूबर, 2026 को जारी हुए।
इस सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 66.6% समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता भी काफी ज्यादा दिखी है, क्योंकि 66.2% लोगों ने उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाए रखने की इच्छा जताई है।
वहीं दूसरी ओर, सपा-कांग्रेस गठबंधन को 26.4% लोगों का समर्थन मिला है। बसपा को इस सर्वे में केवल 5.4% वोट मिले हैं।
वोटर की पसंद और राजनीतिक दलों के दावे
वोटरों ने BJP के प्रति अपने समर्थन की कई वजहें बताई हैं। लोगों ने कानून व्यवस्था में सुधार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं के वितरण को मुख्य कारण माना है। हालांकि, युवाओं के बीच महंगाई, बेरोजगारी और परीक्षा पत्रों के लीक होने जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण है। पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 16 अक्टूबर को दावा किया कि समाजवादी पार्टी बहुत कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों में सपा पूरी तरह खत्म हो सकती है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी इस चुनाव को अपने लिए एक निर्णायक मोड़ मान रही है। पार्टी पर अपनी चुनावी किस्मत बदलने और पिछड़ते आंकड़ों को सुधारने का भारी दबाव है।
नयी पार्टी का गठन और वोटर लिस्ट में बदलाव
प्रदेश की राजनीति में नए चेहरे भी सामने आ रहे हैं। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 15 अक्टूबर, 2026 को अपनी नई पार्टी Janneeti Bharat की शुरुआत की है। यह पार्टी सार्वजनिक जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करते हुए 2027 के चुनाव लड़ेगी। इस कदम को पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर का समर्थन मिला है।
इसके साथ ही, मतदाता सूचियों में हुए बदलाव चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद ड्राफ्ट लिस्ट से 1.55 करोड़ महिलाओं के नाम हटा दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि वोटर जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसे भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा संचालित किया जा रहा है।

























