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गोंडा पुलिस ने ईमेल फिशिंग से बचाने के लिए चलाया जागरूकता अभियान, 620 लोगों को सिखाए सुरक्षा के तरीके

उत्तर प्रदेश की गोंडा पुलिस ने नागरिकों को ईमेल आधारित साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। यह पूरी मुहिम साइबर अवेयरनेस मंथ की पहल के तहत चलाई जा रही है।

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13 अक्टूबर 2026 को जिले के सभी पुलिस स्टेशनों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में पुरुषों, महिलाओं और छात्रों सहित कुल 620 लोगों ने हिस्सा लिया और उन्हें ईमेल फिशिंग के खतरों के बारे में विस्तार से बताया गया।

ईमेल के जरिए धोखाधड़ी का तरीका

रीजनल ब्यूरो चीफ अमित कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि साइबर अपराधी अब लोगों को धोखाधड़ी वाले ईमेल भेजकर निशाना बना रहे हैं। इन ईमेल में बैंक अकाउंट बंद होने की फर्जी चेतावनी, KYC अपडेट करने का अनुरोध या झूठी लॉटरी जीतने जैसे दावे किए जाते हैं।

अपराधी इन तरीकों से लोगों की गोपनीय जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। अभियान के दौरान अधिकारियों ने समझाया कि जालसाज अक्सर बैंक, सरकारी विभागों और प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करते हैं। वे संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट भेजकर लोगों को ठगते हैं।

पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से लोगों की जमा पूंजी जा सकती है। इसके अलावा, इस तरह की गलतियां करने से सोशल मीडिया अकाउंट भी हाईजैक हो सकते हैं।

सुरक्षित रहने के लिए पुलिस की गाइडलाइंस

गोंडा पुलिस ने डिजिटल सुरक्षा के लिए कुछ खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनजान ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें और भेजने वाले के डोमेन एड्रेस की जांच जरूर करें।

सुरक्षा के लिए संदिग्ध अटैचमेंट डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही पुलिस ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अपना OTP, पासवर्ड, UPI PIN या बैंकिंग विवरण किसी के साथ साझा न करें।

  • बैंक या सरकारी संस्थाओं से आए ईमेल की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करें।
  • मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) लागू करें।
  • संदिग्ध मैसेज को तुरंत डिलीट करें या उसकी रिपोर्ट करें।

साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट कैसे करें

यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। पीड़ितों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने का आग्रह किया गया है।

इसके अलावा, अपराध की रिपोर्ट आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है। गोंडा पुलिस ने जोर दिया कि यह जागरूकता प्रयास जिले में साइबर अपराध को रोकने और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है।

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