उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ मंडल की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 2026 के चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए लखीमपुर खीरी में तैयारी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को लखीमपुर खीरी के अटल ऑडिटोरियम में माइक्रो-ऑब्जर्वर के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में जिला मजिस्ट्रेट (DM) अंजनी कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता और शुचिता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने माइक्रो-ऑब्जर्वर को निर्देश दिए कि वे मतदान केंद्रों पर पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मतदान केंद्रों पर निगरानी और जिम्मेदारी
डीएम सिंह ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में माइक्रो-ऑब्जर्वर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्हें मतदान बूथों पर होने वाली सभी गतिविधियों की बारीकी से निगरानी करनी होगी।
उन्होंने सभी कर्मियों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ निभाएं। प्रशिक्षण सत्र के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) योगानंद पांडे ने माइक्रो-ऑब्जर्वर को उनकी विशिष्ट ड्यूटी और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान दिए गए मुख्य निर्देश
प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि मतदान केंद्रों पर नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच कैसे करनी है।
- पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति और एंट्री पास सिस्टम की निगरानी करना।
- मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करना और वोट की गोपनीयता बनाए रखना।
- वोटिंग के दौरान वीडियो ग्राफी प्रोटोकॉल का सही पालन करना।
- अनुपस्थित, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा करना।
इसके अलावा, दिव्यांग, निरक्षर और बीमार मतदाताओं को दी जाने वाली सहायता पर विशेष जोर दिया गया। यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सहायता प्रदान करने वाले व्यक्तियों द्वारा दिए गए घोषणा पत्र स्थापित नियमों के अनुसार हों। साथ ही, पोलिंग एजेंटों के व्यवहार की निगरानी करने और किसी भी शिकायत का निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए।
रिपोर्टिंग और सुपरविजन की प्रक्रिया
प्रोजेक्ट डायरेक्टर (DRDA) सतीश कुमार पांडे ने माइक्रो-ऑब्जर्वर के प्रशासनिक नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि माइक्रो-ऑब्जर्वर जनरल ऑब्जर्वर के नियंत्रण और पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे।
उनकी मुख्य जिम्मेदारी मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करना और निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार करना है। प्रशिक्षण सत्र के अंत में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आधिकारिक फॉर्मों और रिपोर्टिंग की मानक प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई।

























