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तौकलपुर में गहरी खुदाई, धराशायी पेड़ और दौड़ते डंपर, फिर भी कार्रवाई नहीं

रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसियों

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रामनगर, बाराबंकी।मानकों को दरकिनार कर खनन कर्ताओं द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा खनन अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद भी लगातार जारी है। संबंधित विभागीय अधिकारी जानकर अनजान बने हुए हैं। ज्ञात हो कि बीते लगभग दो सप्ताह से थाना रामनगर क्षेत्र के ग्राम तौकलपुर मजरे लोधपुरवा किसान के नाम पर मिट्टी खनन का तहसील सिरौली गौसपुर से पट्टा लेकर नियम कानून को धता बताते हुए बालू खनन कर्ताओं द्वारा व्यापक पैमाने पर खनन किया जा रहा है। खनन के स्थान पर सीमांकन भी नहीं किया गया है और नियम के मुताबिक 1 मीटर से काफी गहरा खनन किया जा चुका है, जिससे खनन स्थल पर लगे हरे-भरे पेड़ धराशायी हो रहे हैं। रात-दिन खननकर्ताओं द्वारा खनन करके ओवरलोडेड डंपर से क्षेत्र में मिट्टी की बिक्री की जा रही है। गोंडा-बहराइच हाईवे पर निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर भारी मात्रा में मिट्टी बेची गयी है। रामनगर-बदोसराय मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास भी भारी मात्रा में मिट्टी की बिक्री की गई है। इसी तरह पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध कारोबार चल रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि पट्टा के मुताबिक घन मीटर से कई गुना अधिक खनन किया जा चुका, इसके बावजूद खनन लगातार जारी है। शिकायत के बाद कुछ समय के लिए खनन दिखावे के लिए बंद हो जाता है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से साठगांठ करके खननकर्ता फिर खनन चालू कर देते हैं। क्षेत्र के सड़क मार्गों पर दौड़ रहे तेज रफ्तार ओवरलोडेड डंपरों की वजह से सड़क मार्ग तो क्षतिग्रस्त हो ही रहे हैं और दुर्घटना का कारण भी बना हुआ है। जिन गांवों से डंपर गुजरते हैं, वहां पर उड़ती धूल के कारण ग्रामीण, स्कूली बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।खननकर्ताओं का पुलिस, राजस्व, खनन व परिवहन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां तक कि जब पत्रकारों द्वारा संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर जानकारी चाही जाती है तो अधिकारियों द्वारा फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा जाता है। बेल बजती रहती है लेकिन सीयूजी नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होती है। खनन अधिकारी कभी फोन रिसीव ही नहीं करते हैं।गौरतलब बात यह है कि जब ग्रामीण व किसान अपने निजी इस्तेमाल के लिए यदि एक ट्राली मिट्टी का खनन करता है तो राजस्व व पुलिस तत्काल कार्रवाई कर देते हैं। यहां तक कि यदि रास्ते में मिट्टी लदी ट्राली पकड़ ली तो परिवहन विभाग के भी अधिकारी कार्रवाई करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं। लेकिन फर्राटा भर रहे बेलगाम डंपरों पर आखिर यह सब विभाग क्यों मेहरबान हैं, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।इस संबंध में तहसीलदार सिरौली गौसपुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मौके पर लेखपाल को भेजा गया है। रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर यदि मानक के विपरीत खनन पाया जाएगा तो खननकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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