अपनी जनता पार्टी (AJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अब विपक्षी INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी। यह फैसला 3 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुई एक बैठक के बाद लिया गया है।
इस मुलाकात के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ उत्तर प्रदेश पार्टी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने अपने राजनीतिक प्लेटफार्मों के तालमेल और साझा वैचारिक लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की।
गठबंधन के मुख्य उद्देश्य और वैचारिक लक्ष्य
स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का प्राथमिक उद्देश्य ‘BJP को हटाना और देश को बचाना’ है। इसके साथ ही उन्होंने संविधान को बचाने को भी इस गठबंधन का एक मुख्य लक्ष्य बताया।
मौर्य ने SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों की चिंताओं को उठाने के लिए राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में इसी तरह के एजेंडे पर काम कर रही है।
सीट शेयरिंग और भविष्य की राजनीतिक रणनीति
हालांकि स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी जनता पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने की पुष्टि कर दी है, लेकिन सीटों के बंटवारे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि आगामी चुनावों के लिए सीट शेयरिंग का विवरण बाद की बातचीत के जरिए तय किया जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि मौर्य 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी के साथ विलय पर विचार कर सकते हैं। गौरतलब है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने 2024 में अपनी जनता पार्टी की स्थापना की थी। इससे पहले वह बहुजन समाज पार्टी (BSP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) में रह चुके हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और OBC वोट बैंक पर असर
इस घटनाक्रम को उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसे विशेष रूप से OBC वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि इस बैठक ने सहयोग के औपचारिक इरादे का संकेत दिया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी या अपनी जनता पार्टी में से किसी ने भी औपचारिक विलय के संबंध में कोई निश्चित बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में कुछ चुनिंदा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

























