3 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य राघवेंद्र मिश्रा पर कॉलेज चुनाव की मतगणना में बाधा डालने का आरोप लगा है। इस घटना में उन्हें चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के मामले में फंसाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र मिश्रा और ABVP के अन्य सदस्यों का एक समूह मतदान पत्रों की गिनती के दौरान SIS-I बिल्डिंग के अंदर घुस गया था। इस घटना के बाद से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
इस पूरे मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सामने आई है। इस पोस्ट में एक पोस्टर साझा किया गया है, जिसमें राघवेंद्र मिश्रा और उनके साथियों द्वारा किए गए कदाचार के दावों का विस्तार से विवरण दिया गया है।
बैलट पेपर छीनने और तोड़फोड़ का आरोप
आरोप है कि राघवेंद्र मिश्रा और उनके साथ आए ABVP सदस्यों ने SIS-I बिल्डिंग के अंदर घुसकर वहां के कांच के दरवाजों को तोड़ दिया। उन्होंने इस तरह से तोड़फोड़ की ताकि वे चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकें।
समूह पर यह भी आरोप है कि वे बैलट पेपर को जबरन छीनने की कोशिश कर रहे थे। उनका मकसद चुनाव की गिनती में हस्तक्षेप करना और नतीजों में हेरफेर करना था।
समान नाम के अन्य व्यक्तियों से जुड़ी गतिविधियां
इसी नाम के एक अन्य व्यक्ति राघवेंद्र मिश्रा ने 1 अक्टूबर 2026 को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी एक घटना पर अपनी टिप्पणी की थी। उन्होंने कॉकपिट पर हुए हमले के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्चर के कार्यों की तारीफ की थी।
इसके अलावा, 2 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के एक भाजपा नेता राघवेंद्र एम के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। उन्हें फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने की एक औपचारिक शिकायत के बाद कई अन्य लोगों के साथ बुक किया गया है।

























