बाराबंकी जिले के रामसनेहघाट में अधीनस्थ कृषि सेवा संघ का द्विवार्षिक सम्मेलन और चुनाव सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर राज्य अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र यादव और राज्य महासचिव फहीम अख्तर मौजूद रहे। साथ ही बाराबंकी के जिला कृषि अधिकारी रजीतराम और अपर जिला कृषि अधिकारी देशराज के साथ विभागीय कर्मचारी और यूनियन सदस्य भी शामिल हुए।
नवनियुक्त साथियों का सम्मान और चुनाव प्रक्रिया
सम्मेलन के दौरान एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें विभाग में नए नियुक्त हुए साथियों का अभिनंदन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के बाद संघ की चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई और इसे पूरा किया गया। चुनाव के माध्यम से संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न पदों पर सदस्यों का चयन हुआ।
संगठन की नई कार्यकारिणी और शपथ ग्रहण
चुनाव के बाद संघ में निम्नलिखित पदाधिकारियों का चयन किया गया:
- डॉ. दलबीर सिंह यादव – जिला अध्यक्ष
- प्रदीप कुमार वर्मा – वरिष्ठ उपाध्यक्ष
- मोहित कुमार – जिला सचिव
- शिव कुमार वर्मा – संगठन सचिव
- रामवीर – कोषाध्यक्ष
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य महासचिव फहीम अख्तर ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को पद, निष्ठा और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने पूरी ईमानदारी के साथ अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी
इस आयोजन में एसटीए-बी दिलीप विश्वकर्मा और सहायक विकास अधिकारी महेश वर्मा, सौरभ कुमार यादव, सुरेंद्र कुमार, सिद्धार्थ मिश्रा, अवध बिहारी, ज्ञानेंद्र वर्मा, विनय कुमार वर्मा, सूर्यप्रकाश और हरि प्रकाश चौधरी मौजूद रहे। इसके अलावा फार्म सुपरिटेंडेंट सुरेंद्र कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे।
स्टाफ सदस्यों में प्रदीप कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, अश्वनी रायकवार, आरती जायसवाल, प्रियंका रावत, निशा पांडे और अंजली देवी के साथ जिले के वरिष्ठ और नए भर्ती कर्मचारी शामिल थे।
कृषि के उपनिदेशक उमेश कुमार साहू, भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती सौरभ कुमार और विनोद कुमार यादव तथा जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ नए पदाधिकारियों को बधाई दी और शुभकामनाएं दीं। इस पूरे कार्यक्रम की सफलता बाराबंकी जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों और यूनियन सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई।

























