Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के कारण Amit Shah को अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
अभिजीत दिपके का यह कड़ा रुख उनकी पार्टी और सरकार के बीच चल रहे टकराव का नतीजा है। यह विवाद 20 जुलाई 2026 की घटनाओं से शुरू हुआ था, जब जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था।
दिपके का आरोप है कि पेलट गन जैसे हथियारों का इस्तेमाल गृह मंत्री की स्पष्ट मंजूरी के बिना नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई इस हिंसा की पूरी जिम्मेदारी Amit Shah की है।
विदेशी फंडिंग और सुरक्षा विफलता का दावा
अभिजीत दिपके ने CJP को मिलने वाली विदेशी फंडिंग के आरोपों पर भी Amit Shah को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि अगर विदेशी फंडिंग के दावे सही हैं, तो यह गृह मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2026 को दिपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को भी संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि CJP के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस crackdown न किया जाए।
दिपके ने Devendra Fadnavis को याद दिलाया कि वे 20 जुलाई की घटनाओं जैसी गलती दोबारा न दोहराएं, जैसा आरोप उन्होंने Amit Shah पर लगाया था।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
2 अक्टूबर 2026 तक CJP ने अपना ध्यान अब एक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की ओर मोड़ा है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रही है।
पार्टी ने चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- वोटर लिस्ट या चुनावी रोल में गड़बड़ी करना।
- चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता की कमी होना।
मुंबई और दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
मुंबई के शिवाजी पार्क और नई दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित रैलियों में काफी तनाव देखा गया। दिल्ली पुलिस ने इन प्रदर्शनों के दौरान 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री Atishi भी शामिल थीं।
CJP के संयोजक सौरभ दास ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक CEC Gyanesh Kumar इस्तीफा नहीं दे देते और उन पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं होता।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने औपचारिक रूप से इस बात से इनकार किया है कि Bharatiya Janata Party (BJP) को फायदा पहुंचाने के लिए वोटर लिस्ट में कोई हेरफेर किया गया था।

























