2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान शुरू हो गई है।
कांग्रेस सांसद Imran Masood ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ अपनी आलोचना तेज कर दी है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जिससे यह संकेत मिलता है कि उनकी पार्टी सीटों की भीख नहीं मांग रही है।
इसी बीच राजनीतिक हलचल तब बढ़ गई जब समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav एक तय INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुए।
Imran Masood की नियुक्ति और राहुल गांधी की रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने आज Imran Masood को अपना कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब दोनों दलों के बीच समन्वय की कमी दिख रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि Rahul Gandhi आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मुकाबले 2029 के लोकसभा चुनावों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
सीट बंटवारे पर कांग्रेस का सख्त रुख
जानकारों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी ने सीट साझा करने की बातचीत को लेकर एक बहुत ही कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए तीन अंकों की संख्या में सीटों की मांग की है।
वहीं समाजवादी पार्टी को इस बात का अहसास है कि अगर दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस स्थिति का सीधा फायदा Bharatiya Janata Party को मिलने की संभावना है।
खबरों के अनुसार कांग्रेस पार्टी इसी कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है ताकि वह अपनी मांगों को पूरा करवा सके।

























