इनकम टैक्स विभाग ने 6 और 7 अक्टूबर, 2026 को विवादित बिल्डर अतुल गुप्ता के ठिकानों पर एक बड़ी छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई लगभग 9 से 10 घंटे तक चली। विभाग ने अतुल गुप्ता के मेरठ मॉल स्थित ऑफिस और मॉल रोड स्थित उनके निवास पर एक साथ धावा बोला।
इस संयुक्त ऑपरेशन को मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर की इनकम टैक्स टीमों ने मिलकर अंजाम दिया। इस कार्रवाई के लिए लखनऊ और गाजियाबाद के वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। पूरी प्रक्रिया के दौरान एक दर्जन से अधिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती
Apex Group के मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल गुप्ता की जांच के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों में जमीन की होल्डिंग्स, TDS फाइलिंग और वित्तीय रिकॉर्ड के साथ-साथ कंपनी से जुड़े विभिन्न कागजात शामिल हैं।
जांच टीम ने फोरेंसिक जांच के लिए पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। मौके पर मौजूद स्टाफ सदस्यों से भी अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ की है।
वित्तीय अनियमितताओं और बेनामी संपत्ति की जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता अब निजी डायरियों में मिली कोड वाली प्रविष्टियों की जांच कर रहे हैं। इन कोड्स का मिलान मौजूदा टैक्स रिकॉर्ड से किया जा रहा है ताकि वित्तीय विसंगतियों का पता लगाया जा सके।
इनकम टैक्स विभाग की यह जांच मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोपों पर केंद्रित है:
- बेनामी संपत्तियों का मामला।
- पैसों का अवैध ट्रांसफर।
- सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा।
- घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच बड़ा अंतर।
राजनीतिक हलचल और स्थानीय प्रभाव
छापेमारी के दौरान सत्ताधारी राजनीतिक दल के कई सदस्यों ने बिल्डर अतुल गुप्ता से मिलने की कोशिश की। हालांकि, इनकम टैक्स अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी और पहुंच से वंचित रखा।
यह पूरी कार्रवाई MLC चुनाव से ठीक पहले हुई है। इस वजह से मेरठ के व्यापारिक और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर काफी चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ है।

























