भारतीय क्रिकेटर Virat Kohli के प्रवक्ता ने उन आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि खिलाड़ी ने Saint Premanand Maharaj के आश्रम जाने के लिए Phalhari Maharaj Dinesh Sharma से 5 करोड़ रुपये लिए थे।
प्रवक्ता ने इन दावों को पूरी तरह से गलत, निराधार और तथ्यों से रहित बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि Kohli की आश्रम यात्राएं केवल उनकी गहरी श्रद्धा और आस्था से प्रेरित हैं।
यह पूरा विवाद Dinesh Sharma द्वारा लगाए गए आरोपों से शुरू हुआ है। Dinesh Sharma, Shri Krishna Janmabhoomi Sangharsh Nyas के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में लगाए आरोप
Dinesh Sharma ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि एक प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की एक प्राइवेट फर्म ने मिलकर 5 करोड़ रुपये दिए थे।
उनका दावा था कि यह रकम Kohli की आश्रम यात्राओं को आसान बनाने के लिए दी गई थी। शर्मा के अनुसार, इस पूरी योजना का मकसद Premanand Maharaj की लोकप्रियता को बढ़ाना और उनका प्रमोशन करना था।
सबूतों का अभाव और मीडिया से अपील
अब तक इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया गया है। अब तक न तो कोई फाइनेंशियल रिकॉर्ड, न कोई कॉन्ट्रैक्ट और न ही कोई अन्य दस्तावेज सामने आया है।
Kohli के प्रतिनिधि ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि वे तथ्यों की सावधानीपूर्वक जांच करें। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों को रिपोर्ट करने से पहले मीडिया को जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।
आध्यात्मिक आस्था और आश्रम का माहौल
क्रिकेटर Virat Kohli और उनकी पत्नी Anushka Sharma साल 2023 से Premanand Maharaj के वृंदावन स्थित आश्रम में कई बार गए हैं। इन यात्राओं को उनके व्यक्तिगत आध्यात्मिक विश्वासों से जोड़कर देखा गया है।
यह विवाद आश्रम के आसपास चल रहे तनाव के बीच सामने आया है। यह तनाव Premanand Maharaj के शिष्य Rasik Dulari Sharan की संदिग्ध मृत्यु के बाद बढ़ा है। 7 अक्टूबर 2026 तक, किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।

























