उत्तर प्रदेश के एटा में दहेज उत्पीड़न और ट्रिपल तलाक की अवैध प्रथा के आरोपों के बाद एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। एटा के रहवाड़ी मोहल्ला की रहने वाली 28 वर्षीय मंतशा सैफी ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंतशा सैफी का आरोप है कि उसके पति शारिक सैफी और उसके परिवार ने उसे गंभीर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। मंतशा और शारिक सैफी की शादी 3 दिसंबर 2025 को हुई थी।
दहेज की मांग और ट्रिपल तलाक का आरोप
शिकायत के अनुसार, मंतशा के परिवार ने शादी के समय पहले ही 5 लाख रुपये का दहेज और अन्य उपहार दिए थे। इसके बावजूद, मंतशा का आरोप है कि उसके पति और ससुराल वाले लगातार एक कार की मांग कर रहे थे।
जब कार की मांग पूरी नहीं हुई, तो शारिक सैफी ने मंतशा को ‘ट्रिपल तलाक’ दे दिया और उसे एक चौराहे पर लावारिस छोड़ दिया। इसके अलावा, मंतशा ने यह आरोप भी लगाया है कि उसका पति दिल्ली में एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ संबंध रखता है।
पारिवारिक संघर्ष और पुलिस की कार्रवाई
मंतशा के पिता सुभान सैफी एक स्टील लेबर वर्कर हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज लिया था, फिर भी उनकी बेटी को प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
इस विवाद को सुलझाने के लिए एक स्थानीय पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन वह इस मामले को हल करने में असफल रही। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने औपचारिक रूप से पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।
इन पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
शिकायत मिलने के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने अलीगढ़ के रहने वाले पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। नामजद आरोपियों में पति शारिक सैफी, ससुर नईम अख्तर, सास समीम बानो, ननद शाइस्ता और देवर आसिफ सैफी शामिल हैं।
कोतवाली नगर के स्टेशन हाउस ऑफिसर धर्मेंद्र पवार ने पुष्टि की है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों पर निम्नलिखित कानूनों के तहत आरोप लगाए हैं:
- दहेज निषेध अधिनियम (Dowry Prohibition Act)
- मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019, जो ट्रिपल तलाक को प्रतिबंधित करता है।
वर्तमान में जांच जारी है और जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

























