समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ने अनजाने में यह स्वीकार कर लिया है कि उनकी सरकार के शासनकाल में ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय का उत्पीड़न जारी रहेगा।
अखिलेश यादव ने 7 अक्टूबर, 2026 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लखनऊ के GPO स्थित पटेल पार्क में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए भाषण की एक पांच सेकंड की वीडियो क्लिप का हवाला दिया है।
यadav का कहना है कि यह वीडियो क्लिप भाजपा सरकार की उस स्वीकारोक्ति की तरह है, जिसमें यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में हाशिए पर रहने वाले वर्गों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी। इसमें पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी आबादी और ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं को शामिल किया गया है।
भाजपा की राजनीतिक स्थिति और जनता का नजरिया
अखिलेश यादव ने तर्क दिया कि 2024 के चुनावों में मिली हार के बाद भाजपा का संतुलित नजरिया पूरी तरह से खत्म हो गया है। उनके अनुसार, सत्ताधारी पार्टी अब वास्तविक जन उपलब्धियों के मामले में ‘दिवालिया’ हो चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के पास अब चर्चा करने के लिए कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं। अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि आम जनता अब ‘चढ़ावा चोरों’ यानी भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट पर गंभीर आरोप
यह राजनीतिक टकराव एक हफ्ते से काफी बढ़ गया है। इससे पहले 6 अक्टूबर, 2026 को अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हेरफेर किया गया है ताकि गरीबों और PDA समुदाय के लोगों के नाम व्यवस्थित तरीके से हटाए जा सकें।
अखिलेश यादव ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि विपक्ष की शिकायतों के बावजूद भाजपा चुनाव आयोग का बचाव क्यों कर रही है। उन्होंने भाजपा की इस मंशा पर संदेह जताया है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और आगामी चुनावी रणनीति
इस विवाद के बीच 6 अक्टूबर को एक और घटना हुई। जब अखिलेश यादव और INDIA गठबंधन के अन्य नेता औरैया जा रहे थे, तब सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी की यह हालिया गतिविधियां उनकी बदलती चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। यह रणनीति संकेत देती है कि सपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का इरादा रखती है।

























