बहराइच पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को तोड़ते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाराबंकी निवासी पूनम वर्मा और नेपाल से जुड़े तस्कर रियाज बाबा के रूप में हुई है।
ये दोनों आरोपी टाइल्स के बिजनेस की आड़ में ड्रग्स का सिंडिकेट चला रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इनके पास से 304 ग्राम स्मैक बरामद की है।
बाजार में इस बरामद की गई स्मैक की अनुमानित कीमत 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
तस्करी के काम में अलग-अलग थी भूमिका
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह में दोनों की जिम्मेदारियां बंटी हुई थीं। रियाज बाबा नेपाल से स्मैक मंगवाने का काम संभालता था, वहीं पूनम वर्मा अपने निर्धारित इलाके में इसे बेचने और वितरण नेटवर्क को मैनेज करने का काम करती थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों ने मिलकर एक संगठित तरीका बनाया था ताकि वे पुलिस की नजरों से बचकर तस्करी कर सकें। टाइल्स के कारोबार का इस्तेमाल केवल एक कवर के तौर पर किया जा रहा था।
सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
यह गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इस क्षेत्र में पुलिस लगातार ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए छापेमारी कर रही है।
इससे पहले भी इस इलाके में कई बड़ी बरामदगी हुई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 1 अक्टूबर 2026 को बहराइच के ननपारा से तीन युवकों को नेपाल में 808 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था।
- 29 अगस्त 2026 को जिले में 1 करोड़ रुपये की स्मैक जब्त की गई थी।
- 10 सितंबर 2026 को चार तस्करों को पकड़कर उनके पास से 5 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी।
पुलिस अब पूनम वर्मा और रियाज बाबा से पूछताछ कर रही है ताकि सीमा पार से चल रहे इस तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

























