कोलकाता के कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर शनिवार, 7 नवंबर 2026 को रात करीब 2:00 बजे हिंसक झड़प हुई। यह घटना तब हुई जब नेता के जन्मदिन से पहले उनके समर्थक वहां जमा हुए थे। TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी, पत्थरबाजी और हाथापाई हुई।
अभिषेक बनर्जी ने लगाया हमले का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ताओं ने उनके घर पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की यह सातवीं कोशिश है। बनर्जी के मुताबिक, इस घटना से दो दिन पहले से उनके कार्यालय और घर की निगरानी की जा रही थी।
बनर्जी ने कोलकाता पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि हमला कानून प्रवर्तन की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उनके कई समर्थक घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ को प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत है।
BJP ने आरोपों को बताया नाटक
BJP नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इन आरोपों को “नाटक” बताकर खारिज कर दिया। घोष ने सवाल किया, “अभिषेक बनर्जी को मारने का समय किसके पास है?” उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक नेता का जन्मदिन सार्वजनिक फुटपाथ पर मनाया जा रहा है और इस पूरे घटनाक्रम को जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया।
हिंसा के बाद स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने बनर्जी के घर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है और जांच जारी है।









