सहारनपुर की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 साल पहले देबंद में हुए गैंगरेप मामले में दो पूर्व पुलिस अधिकारियों को 20 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने रिटायर्ड सर्कल ऑफिसर (CO) बृज मोहन यादव, जो देबंद पुलिस स्टेशन के SHO थे, और पूर्व इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह (तत्कालीन सीनियर सब-इंस्पेक्टर) को दोषी ठहराया है।
दोनों दोषियों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना 6 अगस्त 2015 को हुई थी।
पुलिस क्वार्टर में किया गया था गैंगरेप
पीड़िता अपने पति की गिरफ्तारी के बारे में पूछताछ करने देबंद पुलिस स्टेशन गई थी। उसका आरोप था कि उसे SHO से मिलाने के बहाने पुलिस क्वार्टर ले जाया गया, जहां उसके साथ गैंगरेप किया गया।
पीड़िता को शुरुआत में FIR दर्ज कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और इसके लिए उसे इलाहाबाद हाई कोर्ट से आदेश लेना पड़ा। हालांकि CB-CID ने जांच की, लेकिन पीड़िता ने प्रोटेस्ट पिटीशन के जरिए उसकी रिपोर्ट को चुनौती दी थी।
IPC की धाराओं के तहत मिली सजा
यादव और सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चला, जिनमें धारा 376D (गैंगरेप) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) शामिल थीं।
कोर्ट ने 5 नवंबर 2026 को दोनों अधिकारियों को दोषी करार दिया। सजा की मात्रा पर सुनवाई के बाद 6 नवंबर 2026 को अंतिम फैसला सुनाया गया।








