87 वर्षीय संत श्री आशरामजी बापू के समर्थकों और कानूनी प्रतिनिधियों ने उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है और उनकी स्थिति को गंभीर बताया है। उनके कानूनी प्रतिनिधि बंबम ठाकुर का कहना है कि बापू को जरूरी आयुर्वेदिक इलाज और पर्याप्त देखभाल नहीं मिल रही है, जिससे कैदियों के स्वास्थ्य अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।
मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार बापू एडवांस कोरोनरी आर्टरी डिजीज, बार-बार होने वाले एनजाइना, एट्रियल फिब्रिलेशन और इंटेस्टाइनल एंजियोडिस्प्लेजिया से जूझ रहे हैं। बताया गया है कि अक्टूबर 2026 के मध्य में उन्हें हार्ट अटैक भी आया था। उनके निजी डॉक्टर डॉ. सचित भोला ने स्पष्ट किया है कि बापू को चौबीस घंटे विशेषज्ञ कार्डियक निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की तत्काल आवश्यकता है।
अदालती कार्यवाही और जेल प्रशासन का रुख
दूसरी ओर, जोधपुर सेंट्रल जेल प्रशासन और AIIMS जोधपुर के विशेषज्ञों सहित कोर्ट द्वारा नियुक्त मेडिकल बोर्ड ने पहले उनकी स्थिति को स्थिर बताया था और कहा था कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है।
- 5 नवंबर 2026 को आरोग्यम हॉस्पिटल में इलाज के लिए जोधपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई, लेकिन समय की कमी के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
- इसी सत्र में कोर्ट ने उन्हें ओपन जेल में भेजने की याचिका पर सुनवाई की और ओपन जेल कमेटी को तीन हफ्ते के भीतर आवेदन की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि विशिष्ट चिकित्सा उपचार के लिए भविष्य के अनुरोध पुरानी कानूनी फाइलों के बजाय नई अर्जी के माध्यम से दाखिल किए जाने चाहिए।









