बाराबंकी की एक विशेष POCSO कोर्ट ने 2017 में नाबालिग से रेप करने के मामले में आलोक कुमार श्रीवास्तव को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश और POCSO एक्ट कोर्ट नंबर 45 के विशेष न्यायाधीश ने दोषी पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस और कानूनी कार्रवाई
यह मामला 2017 का है, जो बाराबंकी के देवा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में दर्ज हुआ था। श्रीवास्तव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363, 366 और 376 के साथ POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
विशेष सरकारी अभियोजक लव त्रिपाठी के कानूनी प्रयासों के बाद यह सजा सुनिश्चित हुई। यह कामयाबी पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देशन में चलाए गए ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का हिस्सा थी, जिससे बाराबंकी पुलिस ने मामले का मजबूत पक्ष रखा।









