बाराबंकी के गणेशपुर-बहरामघाट में 11 नवंबर से 28 नवंबर 2026 तक श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भगवान श्री राम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का चित्रण होगा, साथ ही श्री राम बरात की भव्य शोभायात्रा, रावण मेला, नाटकीय प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महोत्सव की शुरुआत 11 नवंबर को रात 8:00 बजे श्री गणेश पूजन के साथ होगी।
रामलीला के विभिन्न प्रसंग और कार्यक्रम
कार्यक्रम की सूची के अनुसार 12 नवंबर को रामायण पाठ और नारद मोह लीला, 13 नवंबर को रावण जन्म, 14 नवंबर को राम जन्म और 15 नवंबर को जानकी जन्म दिखाया जाएगा। 16 नवंबर को ऋषियों का आगमन और ताड़का वध तथा 17 नवंबर को धनुष यज्ञ का आयोजन होगा।
18 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे श्री राम बरात की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद रात में नाटकीय और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 19 नवंबर को राम वनवास, 20 नवंबर को खर-दूषण वध, 21 नवंबर को सीता हरण और लंका दहन तथा 22 नवंबर को लक्ष्मण शक्ति और कुंभकरण वध के प्रसंग दिखाए जाएंगे।
24 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे रावण मेला लगेगा और उसके बाद नाटक होगा। महोत्सव का समापन 28 नवंबर को रात 8:00 बजे भारत मिलाप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद श्री राम राज्याभिषेक और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा। संगठन की मदद के लिए लकी ड्रा प्राइज कूपन उपलब्ध होगा।
आयोजन समिति और सहयोगी सदस्य
इस आयोजन का नेतृत्व संरक्षक सतीश चंद्र अग्रवाल और संजय तिवारी कर रहे हैं। प्रबंधन समिति में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं:
- अध्यक्ष: प्रवीण कुमार अवस्थी (दीप)
- उपाध्यक्ष: मनीष कुमार तिवारी, मुकेश चंद्र अग्रवाल, रामशंकर मिश्रा, विष्णु कुमार शुक्ला (सोनू) और सौम्या मिश्रा
- महासचिव: चंद्र प्रकाश मिश्रा, गौरव जायसवाल और कृष्ण कुमार शुक्ला (मीडिया प्रभारी)
- कोषाध्यक्ष: विर्धि चंद्र जैन
- निदेशक: जितेंद्र नाथ मिश्रा, अनुज कुमार पांडे और शिवा पांडे
- संगठन एवं संयुक्त सचिव: संतोष श्रीवास्तव, संदीप अवस्थी, मोहित मिश्रा, सूरज सैनी, छोटू सैनी, राधेश्याम शुक्ला और भोला रावत
मेकअप टीम में पंकज गुप्ता, नरेश चंद्र सोनी, धर्मेंद्र गुप्ता, टिंकू सैनी और सूरज विश्वकर्मा शामिल हैं। इसके अलावा लव त्रिपाठी, कुश त्रिपाठी, पं. विमल मिश्रा, दिलीप नाग, राजकुमार निगम, केशन जायसवाल, शिवराम पांडे, आशीष त्रिवेदी और अमित गुप्ता जैसे कई कलाकार और सहयोगी इसमें जुड़े हैं। आयोजकों ने स्थानीय निवासियों से इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने और इसे सफल बनाने की अपील की है।









