सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर, 2026 को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने खान को जमानत और अंतरिम राहत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को आदेश दिया कि याचिका के मूल रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को ट्रांसफर किए जाएं। हाई कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि 16 नवंबर, 2026 को इस मामले को डिवीजन बेंच के सामने रखा जाए और उसी दिन अंतरिम राहत की याचिका पर उचित आदेश पारित किए जाएं।
बचाव पक्ष की दलील और गिरफ्तारी का मामला
आजम खान की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने तर्क दिया कि ED की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही खान को अन्य मामलों में जमानत मिलती है, उन्हें नए मामलों में निशाना बनाया जा रहा है। सिबल ने कहा कि लगातार कानूनी कार्रवाइयां यह सुनिश्चित करने के लिए की गई हैं कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान खान जेल में रहें।
ED ने 31 अक्टूबर को जेल से रिहाई के तुरंत बाद खान को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित ‘दोहरे पैन कार्ड’ मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुई थी। आजम खान को अब तक 87 अलग-अलग मामलों में जमानत मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, इलाहाबाद हाई कोर्ट में निर्धारित सुनवाई के परिणाम तक खान कम से कम 16 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।









