GE Vernova T&D India Limited ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से 6,000 MW HVDC टर्मिनल स्टेशन बनाने का एक महत्वपूर्ण ऑर्डर हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट बाड़मेर II से साउथ कलम्ब तक अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) की निकासी की सुविधा प्रदान करेगा, जो राष्ट्रीय ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए 3 नवंबर 2026 को औपचारिक अवार्ड लेटर मिला, जिसमें ±800 kV हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट LCC टर्मिनल स्टेशन का निर्माण शामिल है। कंपनी द्वारा सत्यापित खुलासों के अनुसार, GE Vernova ने बिडिंग प्रक्रिया में L1 बिडर के रूप में हिस्सा लिया था। इस खबर का आधिकारिक खुलासा 4 नवंबर 2026 को किया गया।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और घरेलू निर्माताओं को लाभ
मार्केट ऑब्जर्वर्स का कहना है कि यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के ऑर्डर बुक को बढ़ाता है और भारत के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में काम करेगा। TradeBrains की रिपोर्ट्स में उद्धृत उद्योग विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इस तरह की पहल घरेलू ट्रांसमिशन उपकरण निर्माताओं के लिए अत्यधिक सकारात्मक बनी हुई है।
राष्ट्रीय ग्रिड में अक्षय बिजली को एकीकृत करने के लिए स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु मजबूत उच्च-क्षमता वाले लिंक की आवश्यकता होती है। राजस्थान स्थित अक्षय ऊर्जा डेवलपर्स, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और निरंतर बिजली आपूर्ति पर निर्भर अंतिम उपभोक्ताओं के इस नई ट्रांसमिशन क्षमता के प्राथमिक लाभार्थी होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट दूरदराज के उत्पादन केंद्रों और उच्च मांग वाले खपत केंद्रों के बीच एक महत्वपूर्ण पुल का काम करेगा।
प्रोजेक्ट की वित्तीय स्थिति और समय सीमा
फाइनेंशियल रिपोर्टिंग ने प्रोजेक्ट के दायरे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े पैमाने पर बिजली ट्रांसमिशन को संभालेगा। हालांकि यह ऑर्डर कंपनी के बैकलॉग में काफी वजन जोड़ता है, लेकिन संबंधित पक्षों के बीच निश्चित समझौते और आधिकारिक प्रोजेक्ट शुरू होने की समय सीमा अभी तय होनी बाकी है।
इस अवार्ड के परिणामस्वरूप किसी भी पक्ष के लिए कोई भौतिक हानि नहीं पाई गई है। वर्तमान खुलासे में सुविधा के लिए सटीक कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू या निश्चित निष्पादन शेड्यूल की जानकारी नहीं दी गई है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और GE Vernova T&D द्वारा निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद आगे के अपडेट आने की उम्मीद है। प्रशासनिक कदम पूरे होने के बाद निर्माण गतिविधियां शुरू होंगी।









