केंद्रीय कैबिनेट ने 4 नवंबर 2026 को विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च (VISTAR) को मंजूरी दी। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 4,371.10 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय रखा गया है।
5 से 10 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन के लक्ष्य वाली बढ़ती अर्थव्यवस्था में साक्ष्य-आधारित नीति के लिए बेहतर डेटा एक आवश्यक आधार प्रदान करता है। Ministry of Statistics and Programme Implementation के अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह पहल विकसित भारत 2047 रोडमैप के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप है।
BusinessToday और Policy Edge की रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट के इस फैसले का उद्देश्य आधिकारिक आंकड़ों के लिए एक गतिशील, रियल-टाइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तैयार आर्किटेक्चर बनाना है। Press Information Bureau के रिकॉर्ड के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान ये विवरण पेश किए।
डेटा संग्रह के तरीकों में बदलाव
सरकार डेटा जुटाने के अपने प्रयासों को काफी बढ़ाने की योजना बना रही है। वर्तमान सांख्यिकीय ढांचा 43 विशिष्ट सर्वेक्षणों पर निर्भर है, जिसे नई योजना के तहत बढ़ाकर 59 सर्वेक्षण किया जाएगा।
इस विस्तार में एक नया Headline Index of Services Production और Index of Unincorporated Sector Enterprises लॉन्च करना शामिल है। नीति निर्माताओं को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य और जिला दोनों स्तरों पर डेटा की अधिक सटीकता मिलेगी।
आधिकारिक कैबिनेट फाइलिंग में उद्धृत विशेषज्ञों के अनुसार, सांख्यिकीविदों ने इंटरऑपरेबिलिटी पर फोकस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तैयारी के प्रयास का स्वागत किया है। इस बदलाव के मुख्य लाभार्थी सरकारी विभाग, व्यवसाय और आम जनता होंगे।
- समय पर और सटीक आंकड़े बेहतर योजना बनाने में मदद करेंगे।
- संसाधनों के आवंटन में सुधार होगा।
आधिकारिक परियोजना मूल्यांकन के अनुसार, इस प्रशासनिक बदलाव से किसी भी समूह को नुकसान होने की पहचान नहीं की गई है।
कार्यान्वयन के कदम और भविष्य की योजना
VISTAR की समयसीमा पांच वित्तीय वर्षों तक फैली हुई है, जो 2031 में समाप्त होगी। इस अवधि में आठवें आर्थिक जनगणना का निष्पादन शामिल है, जो नए निवेश का एक केंद्रीय घटक है।
हालांकि आधिकारिक रोडमैप स्पष्ट है, लेकिन सरकार ने अभी तक विस्तृत सर्वेक्षण कैलेंडर जारी नहीं किया है और न ही परियोजना के लिए विशिष्ट टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के नाम बताए हैं।
अगले तत्काल कदमों में सुधार में शामिल विभिन्न विभागों के लिए परिचालन दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। इन प्रशासनिक अपडेट के बाद आठवें आर्थिक जनगणना की तैयारियां शुरू होंगी। Ministry of Statistics and Programme Implementation राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ स्थानीय डेटा के तालमेल को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सांख्यिकीय कार्यालयों के साथ समन्वय करेगा।
यह पहल भारत के आर्थिक उत्पादन और सामाजिक प्रगति को मापने के तरीके को डिजिटल बनाने और परिष्कृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि रियल-टाइम एनालिटिक्स पर ध्यान देने से पारंपरिक रिपोर्टिंग चक्रों में दिखने वाले समय के अंतराल (टाइम लैग) में कमी आएगी। विश्वसनीय और आधुनिक डेटा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की धड़कन के रूप में कार्य करता है।









