बाराबंकी के रामनगर विकास खंड के त्रिलोकपुर गांव में बुखार का प्रकोप लगातार बना हुआ है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए एक मेडिकल कैंप में 68 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे।
मेडिकल अधिकारियों ने जांच के लिए इनमें से 64 मरीजों के खून के नमूने लिए हैं। इस स्वास्थ्य संकट के बीच हाल ही में बुखार के कारण एक स्थानीय भाजपा नेता की मौत हो गई, जिससे कस्बे की आबादी में काफी डर है।
साफ-सफाई की बदहाली पर आक्रोश
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चेकअप और इलाज दिया जा रहा है, लेकिन कस्बे की खराब स्वच्छता व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि मुख्य बाजार और रिहायशी गलियों में कचरे के ढेर जमा हैं जिन्हें हटाया नहीं गया है।
नालियों की लंबे समय से सफाई न होने के कारण उनमें घास उग आई है और कई जगहों पर पानी जमा है। इससे मच्छरों के पनपने और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष राजू यादव, उपाध्यक्ष ताजि़र, महासचिव राजन गुप्ता और दुकानदार सुदीप गुप्ता, रिज़वान व आफताब ने नगर पालिका की सेवाओं पर कड़ी नाराजगी जताई है। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मी नियमित सफाई, कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग करने के बजाय कचरे के ढेर के पास केवल फोटो खींच लेते हैं।
प्रशासन से प्रभावी उपायों की मांग
बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- बाजारों और गलियों की नियमित सफाई हो।
- कचरे का सही तरीके से निपटारा किया जाए।
- नालियों की पूरी तरह से सफाई हो।
- मच्छरों को खत्म करने के लिए नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव हो।
निवासियों ने जोर दिया कि बीमारी को रोकने के लिए मेडिकल कैंप के साथ-साथ साफ वातावरण बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से सफाई कार्यों की निगरानी करने और लापरवाही बरतने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
इस स्थिति पर खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इलाके में सफाई कर्मी तैनात कर दिए गए हैं और नियमित सफाई की जा रही है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से सफाई की कमियों, जलजमाव और मच्छरों के नियंत्रण के लिए आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।









