मध्य प्रदेश के सीधी जिले के निवासियों को आजादी के बाद पहली बार रेल संपर्क मिल गया है। 24 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw और मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने रेल नेटवर्क के दो नए हिस्सों का उद्घाटन किया। ये दोनों हिस्से कुल 118 किलोमीटर लंबे हैं और Lalitpur से Singrauli रेल परियोजना का हिस्सा हैं।
इस बुनियादी ढांचे के विस्तार से क्षेत्र का सत्तर साल पुराना इंतजार खत्म हो गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और किसानों की कनेक्टिविटी में सुधार करना है। इससे पहले इन लोगों को यात्रा के लिए पूरी तरह से सड़क परिवहन पर ही निर्भर रहना पड़ता था।
इतिहास के अनुसार इस क्षेत्र में रेलवे लाइन का प्रस्ताव सबसे पहले 1956 में रखा गया था। हालांकि, कई दशकों तक इस काम की प्रगति रुकी रही। रिकॉर्ड बताते हैं कि 1977 तक भी यह प्रोजेक्ट केवल सर्वे के चरण में ही अटका हुआ था।
परियोजना की लागत और निर्माण की चुनौतियां
अधिकारियों ने 1997 से 1998 की अवधि के दौरान 541 किलोमीटर लंबे Lalitpur से Singrauli कॉरिडोर को मंजूरी दी थी। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 925 करोड़ रुपये आंकी गई थी। समय के साथ इस लागत में बढ़ोतरी हुई और यह अनुमानित 8,914 से 9,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
मार्च 2025 तक सरकार ने इस कॉरिडोर के 301 किलोमीटर हिस्से को चालू कर दिया था, जिस पर 5,252 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालिया उद्घाटन में 118 किलोमीटर के नए ट्रैक के लिए लगभग 1,943 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
निर्माण के दौरान कई इंजीनियरिंग चुनौतियों का सामना करना पड़ा। Rewa से Churhat के बीच 65 किलोमीटर के हिस्से में 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई गई है, जो मध्य प्रदेश की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। पहाड़ी इलाकों से गुजरने के लिए मजदूरों ने कई पुलों का निर्माण भी किया। Ministry of Railways ने पुष्टि की है कि इस सेक्शन ने आखिरकार सीधी जिले को राष्ट्रीय रेल मानचित्र से जोड़ दिया है।
रेलवे नेटवर्क का विस्तार और औद्योगिक लाभ
हालिया लॉन्च के दूसरे हिस्से में Satna और Devendranagar के बीच 53 किलोमीटर का ट्रैक शामिल है। इस विशेष हिस्से की लागत 873 करोड़ रुपये है। यह रेल खंड स्थानीय चूना पत्थर और सीमेंट उद्योगों को काफी मजबूती प्रदान करेगा। इन दो नए सेक्शन के लिए कुल निवेश 1,943 करोड़ रुपये रहा है।
रेल सेवाओं का नियमित व्यावसायिक संचालन 26 अक्टूबर से शुरू हो गया है, जो सप्ताह में छह दिन चलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
- Devendranagar और Churhat के बीच नई MEMU सेवा शुरू की गई है।
- ट्रेन संख्या 61629 सुबह 7:00 बजे Devendranagar से चलती है और दोपहर 1:15 बजे Churhat पहुंचती है।
- वापसी के लिए ट्रेन संख्या 61630 दोपहर 3:00 बजे Churhat से रवाना होती है और रात 9:25 बजे गंतव्य तक पहुंचती है।
- इन छोटी दूरियों के लिए किराया 10 से 20 रुपये जितना कम रखा गया है।
आगामी लक्ष्य और बजट आवंटन
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला 541 किलोमीटर का पूरा कॉरिडोर अभी भी निर्माण के दौर में है। वित्तीय वर्ष 2026 से 2027 के लिए मध्य प्रदेश में रेलवे परियोजनाओं के लिए कुल बजट आवंटन लगभग 15,188 करोड़ रुपये है। राज्य की चल रही परियोजनाओं का कुल मूल्य करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये है।
अधिकारियों ने सीधी जिला मुख्यालय तक कनेक्टिविटी पूरी करने के लिए दिसंबर 2026 का लक्ष्य रखा है। Singrauli तक पहुंचने वाले पूरे कॉरिडोर के दिसंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। भविष्य के कार्यों के लिए Bahari और Gondawali के बीच के हिस्सों जैसे खंडों के लिए अनुबंध पहले ही दिए जा चुके हैं।









