बाराबंकी के रामसनेही घाट पर शारदीय नवरात्रि उत्सव के बाद दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पूरे क्षेत्र में अलग-अलग आकार के कुल 19 विसर्जन स्थलों की पहचान की गई है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पांच प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोमवार को कोई विसर्जन नहीं हुआ, लेकिन मंगलवार से विसर्जन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
विभिन्न जिलों और घाटों पर व्यवस्था
एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि रामसनेही घाट विसर्जन स्थल पर न केवल अपनी तहसील, बल्कि पड़ोसी जिलों रानीमाऊ, मवाई और पात्रंगा से भी प्रतिमाएं आती हैं।
परंपरा के अनुसार बुधवा बाबा और कल्याणी नदी के घाटों पर बड़ी संख्या में प्रतिमाएं विसर्जित की जाती हैं। इसके अलावा प्रशासन ने अन्य स्थलों पर भी सुरक्षा बल तैनात किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हथौड़ा स्थित सहदतगंज घाट
- डिस्की तालाब
- सिलोहर
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के उपाय
सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और हर लोकेशन पर पुलिस बल तैनात किया गया है। राजस्व विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद रहेंगी, जिन्हें विकास विभाग के कर्मचारियों का अतिरिक्त सहयोग मिलेगा।
घाटों पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं और सुरक्षा के लिए गोताखोरों की तैनाती की गई है। एसडीएम उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि गहरे पानी वाले क्षेत्रों में सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
श्रद्धालुओं को निर्देश दिया गया है कि वे केवल निर्धारित बैरिकेडिंग वाले क्षेत्रों के भीतर ही रहें और गहरे पानी में प्रवेश न करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य विसर्जन के दौरान भीड़ के घनत्व को नियंत्रित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

























