दिल्ली सरकार और दिल्ली बीजेपी ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को यमुना नदी के किनारों की सफाई के लिए एक बड़े स्तर का स्वच्छता अभियान शुरू किया। इस अभियान का नाम “चलो यमुना” (स्वच्छ यमुना प्रहरी) रखा गया है।
यह सफाई अभियान सुबह 7:00 बजे से सुबह 10:00 बजे के बीच चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी के 31 प्रमुख घाटों को साफ करना, नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना और नागरिकों के बीच पर्यावरण संरक्षण की भावना को बढ़ावा देना था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटीओ स्थित हाथी घाट पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने जनता से नदी के पुनरुद्धार में सक्रिय रूप से योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने लोगों से वादा लिया कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरा नदी के पानी में नहीं डालेंगे।
प्रमुख नेताओं की भागीदारी और निगरानी
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में हजारों युवाओं, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs), एनजीओ और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। अभियान को सफल बनाने के लिए कई बड़े नेताओं ने अलग-अलग जगहों पर मोर्चा संभाला।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने गांधी नगर में सफाई कार्यों का नेतृत्व किया। सांसद मनोज तिवारी सोनिया विहार धाई पुश्ता में मौजूद रहे, जबकि बांसुरी स्वराज ने रामघाट-1 पर निगरानी की। राघव चड्ढा ने वजीराबाद बैराज, स्वाति मालीवाल ने सोनिया विहार फर्स्ट पुश्ता, रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कालिंदी कुंज और जय प्रकाश ने वासुदेव घाट पर अभियान की कमान संभाली।
कचरा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे में सुधार
मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि प्लास्टिक और मलबे को हाथों से हटाना जरूरी है, लेकिन सरकार बुनियादी ढांचे में सुधार पर भी ध्यान दे रही है। सरकार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाने जैसे दीर्घकालिक सुधारों पर काम कर रही है।
कचरा प्रबंधन को स्थायी बनाने के लिए प्रशासन ने कई नए वाहन तैनात किए हैं। इसमें शामिल हैं:
- 100 अतिरिक्त कॉम्पैक्टर बिन
- 428 ऑटो-टिपर्स
- 128 ई-रिक्शा
- डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 25 टाटा 407 वाहन
इसके अलावा, दिल्ली के सभी 250 वार्डों में बैटरी से चलने वाली ‘लिटर पिकर’ मशीनें लगाई गई हैं। नागरिकों और युवाओं को इस संरक्षण पहल में शामिल होने के लिए meriyamuna.in पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।









