बाराबंकी के रामसनेहीघाट में शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ ही तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामलीला के कार्यक्रमों और दुर्गा मूर्ति विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।
इस पूरी व्यवस्था की निगरानी खुद उप-जिलाधिकारी (SDM) Brijendra Upadhyay और क्षेत्राधिकारी (CO) Saurabh Srivastava कर रहे हैं। दोनों अधिकारी विसर्जन से जुड़ी सभी तैयारियों की सक्रियता से समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
विसर्जन के लिए निर्धारित स्थान और संख्या
SDM Brijendra Upadhyay ने बताया कि तहसील क्षेत्र के भीतर कुल 263 स्थानों पर देवी दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। विसर्जन की प्रक्रिया में कुल 318 स्थानों से भागीदारी होने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने विसर्जन के लिए मुख्य रूप से कुछ खास जगहों को चिन्हित किया है। इनमें बाबा रामसनेहीघाट, बुधवा बाबा, खेतसराय और सादतगंज के पास कल्याणी नदी के तट शामिल हैं, जहाँ मूर्तियां विसर्जित की जाएंगी।
विभिन्न ब्लॉकों और अयोध्या से पहुंचेंगे श्रद्धालु
विसर्जन के लिए केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचेंगे। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित ब्लॉकों की भागीदारी रहेगी:
- बनीकोडर ब्लॉक
- पूरे डलई ब्लॉक
- दरियाबाद ब्लॉक
स्थानीय लोगों के अलावा, पड़ोसी जिले Ayodhya के कुछ खास इलाकों से भी मूर्तियां विसर्जन के लिए आने वाली हैं। इस वजह से प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया है।
भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था पर जोर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात पर है कि धार्मिक अनुष्ठान सफलतापूर्वक पूरे हों और इलाके में शांति बनी रहे।
पुलिस और प्रशासन विसर्जन की पूरी प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।

























