बाराबंकी के रामसनेहीघाट नगर पंचायत में कर्मचारी अपने प्रोविडेंट फंड (PF) से जुड़ी समस्याओं को लेकर गहरा आक्रोश जता रहे हैं। अपनी मांगों को पूरा न किए जाने के कारण अब कर्मचारी विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
यह तनाव शारदीय नवरात्रि के त्योहार के दौरान बढ़ा है, जिससे नगर पंचायत की सेवाओं के प्रबंधन पर असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है। इस विवाद में सफाई कर्मचारी, सुपरवाइजर, ड्राइवर और पंप ऑपरेटर शामिल हैं।
स्थानीय खबरों के अनुसार, इस पूरी स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक बंद कमरे में बैठक की गई। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, लेकिन इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकला और गतिरोध बना हुआ है।
अगस्त के विरोध प्रदर्शन और पुरानी मांगें
कर्मचारियों में व्याप्त यह नाराजगी अगस्त 2026 में हुए एक बड़े दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन की याद दिलाती है। उस समय भी स्टाफ ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था।
उस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को प्रमुखता से रखा था:
- लंबित वेतन का भुगतान किया जाए।
- प्रोविडेंट फंड (PF) की बकाया राशि जमा की जाए।
- कार्यस्थल पर सुरक्षा के इंतजामों में सुधार किया जाए।
अधिकारियों के बीच विवाद और जवाबदेही
अगस्त के प्रदर्शन के दौरान रामसनेहीघाट नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार चौधरी ने यह स्वीकार किया था कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर अधिशासी अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष के बीच विवाद शुरू हो गया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कुप्रबंधन के आरोप लगाए और यह दावा किया कि दूसरा पक्ष ही कर्मचारियों को भड़का रहा है। अब शारदीय नवरात्रि के उत्सव के बीच नगर प्रशासन पर व्यवस्था बनाए रखने का दबाव है।
जनता और कर्मचारी दोनों ही स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि प्रशासन खुद PF विवाद को सुलझाएगा या फिर हड़ताल के बाद जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस अधीक्षक जैसे उच्च अधिकारियों का हस्तक्षेप करना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले तहसील समाधान दिवस के सत्रों के दौरान जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने नगर पंचायत से जुड़ी शिकायतों का निपटारा किया था।

























