केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन ने मंत्रिपरिषद में अपने पद और राज्यसभा की अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह बड़ा कदम तमिलनाडु में जमीनी स्तर की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उठाया है।
उनका मुख्य लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने पार्टी संगठन को अपना पूरा समय देने की इच्छा जताई है।
मंत्री एल मुरुगन ने 13 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी दी और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पार्टी और राष्ट्र सेवा का संकल्प
अपने पत्र में उन्होंने एक व्यक्तिगत आदर्श वाक्य का जिक्र किया। मुरुगन ने लिखा कि उनके लिए राष्ट्र पहले आता है, उसके बाद पार्टी और अंत में स्वयं का स्थान आता है।
इस जानकारी की पुष्टि द इंडियन एक्सप्रेस, सीएनबीसी-टीवी18, बिजनेस स्टैंडर्ड, द वायर और इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स में की गई है। वे अब अपना पूरा समय पार्टी के विस्तार में लगाएंगे।
मंत्री मुरुगन का राजनीतिक सफर
एल मुरुगन साल 2021 में मंत्रिपरिषद में शामिल हुए थे। तब से वे सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
उन्होंने उसी वर्ष यानी 2021 में मध्य प्रदेश से निर्वाचित होकर राज्यसभा में प्रवेश किया था। अरुन्थाटियार समुदाय से संबंध होने के कारण वे दक्षिण भारतीय राज्य के लिए पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
मुरुगन इससे पहले बीजेपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उनका अनुभव तमिलनाडु में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में मददगार माना जा रहा है।
मंत्रिपरिषद में बदलाव और अटकलें
पिछले कुछ महीनों में मंत्रिपरिषद से अन्य मंत्रियों ने भी इस्तीफा दिया है। रिकॉर्ड के अनुसार, जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू जून और जुलाई 2026 के बीच अपने मंत्रिस्तरीय पदों से अलग हुए थे।
इन इस्तीफों के कारण अब दिवाली के त्योहार से पहले कैबिनेट में फेरबदल होने की व्यापक अटकलें लगाई जा रही हैं। द वायर द्वारा उद्धृत राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सामान्य बदलाव नहीं बल्कि संगठनात्मक पुनर्गठन का संकेत है।
यह पूरा घटनाक्रम प्रधानमंत्री मोदी की तमिलनाडु की हालिया यात्राओं के बाद सामने आया है। राज्य के पार्टी कार्यकर्ता अब नेतृत्व के नए फोकस के लिए तैयारी कर रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं और प्रक्रिया
सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के पोर्टफोलियो की निरंतरता पर फिलहाल सवाल बने हुए हैं। अब मुख्य चर्चा इस बात पर है कि पार्टी इन खाली पदों को कैसे भरेगी।
आगे की प्रक्रिया अब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पर निर्भर करती है, जिन्हें इस्तीफे के अनुरोध को प्रोसेस करना होगा। आने वाले दिनों में नए राज्य मंत्री की नियुक्ति या कैबिनेट के व्यापक पुनर्गठन की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
इस बीच, एल मुरुगन राज्य भर में गहन अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं। वे तमिलनाडु में बीजेपी के मौजूदा प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए काम करेंगे। यह बदलाव पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि वह शासन चलाने के साथ-साथ 2029 के चुनावी नियोजन में संतुलन बना रही है।









