उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी इलाके में कच्चा-बनियन गैंग की हिंसक लूटपाट के कारण दहशत का माहौल है। इस गैंग ने इलाके के घड़ीपुरा और रूपुर गांवों में धावा बोला है।
रात के समय हुई इस छापेमारी में अपराधियों ने तीन महिलाओं को अपना निशाना बनाया। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में डर और घबराहट बनी हुई है।
लूटपाट का तरीका और वारदात
अपराधियों ने घरों में घुसने के लिए मच्छरदानी को काटकर रास्ता बनाया। घर के अंदर दाखिल होने के बाद उन्होंने पीड़ितों से सोने के गहने लूट लिए।
वारदात के दौरान अपराधियों ने एक दिव्यांग महिला को घसीटा और उसके बाद मौके से फरार हो गए। इस हिंसक घटना ने पूरे गांव को डरा दिया है।
सुरक्षा की मांग और पुलिस की कार्रवाई
बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मदद मांगी है। ग्रामीणों ने औपचारिक रूप से मांग की है कि मुरादाबाद पुलिस और UP Police प्रभावित गांवों में रात की गश्त बढ़ाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ने से ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। पुलिस ने इन अपराधों की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
कच्चा-बनियन गैंग का इतिहास
कच्चा-बनियन गैंग अपने खास तरीके के लिए जाना जाता है, जिसमें अपराधी केवल अंतःवस्त्र (undergarments) पहनकर वारदात को अंजाम देते हैं। यह गैंग भारत के कई राज्यों में संगठित आपराधिक गतिविधियां चलाने के लिए जाना जाता है।
पकड़े जाने से बचने के लिए यह गैंग कुछ विशेष रणनीतियों का इस्तेमाल करता है, जिनमें शामिल हैं:
- घुमंतू समुदाय के नेटवर्क का उपयोग करना।
- चेहरे को सफेद कपड़े से ढकना।
- वारदात के बाद तेजी से फरार हो जाना।

























