लखनऊ के रहीमबाद इलाके में स्थित बेहटा नाले से 10 अक्टूबर 2026 की सुबह 20 साल के सूरज कुमार मौर्य का शव बरामद किया गया है। उत्तर प्रदेश स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) ने इस शव को निकालने के लिए करीब 40 घंटे तक गहन खोज और बचाव अभियान चलाया था।
सूरज कुमार मौर्य ताराउना गांव के रहने वाले थे। वह 8 अक्टूबर 2026 की शाम को अपने तीन दोस्तों के साथ उफनते हुए बेहटा नाले में फंसे एक भैंसे को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी वह अचानक लापता हो गए।
नाले में पानी का बहाव बहुत तेज था, जिसकी वजह से सूरज पानी की तेज धारा में बह गए और उनकी जान चली गई। सूरज पुणे से महज 23 दिन पहले ही अपने घर लौटे थे।
परिवार की स्थिति और बचाव कार्य
सूरज अपने माता-पिता विजय और दुलारा मौर्य के साथ रहते थे। उनके परिवार में छोटा भाई राज और तीन बहनें गीता, सीता और सपना भी हैं। इस घटना के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
जैसे ही पुलिस को इस हादसे की रिपोर्ट मिली, स्थानीय पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया था। इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 की सुबह SDRF की टीम भी इस ऑपरेशन में शामिल हो गई।
नेताओं का दौरा और प्रशासनिक दबाव
शव बरामद होने से पहले 10 अक्टूबर की सुबह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर और उनके बेटे विकास किशोर ने मौके का दौरा किया। विकास किशोर Scheduled Caste Front के उपाध्यक्ष हैं।
उन्होंने वहां पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनका दुख साझा किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि खोज अभियान में तेजी लाई जाए ताकि शव जल्द मिल सके।
बाढ़ की स्थिति और पिछले हादसे
लखनऊ में वर्तमान बाढ़ की स्थिति के कारण बेहटा नाला पूरी तरह उफन रहा है। इस नाले में पिछले 11 दिनों के भीतर डूबने की यह तीसरी घटना सामने आई है।
- 27 सितंबर को एक 35 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हुई थी।
- 29 सितंबर को एक 60 वर्षीय किसान की जान इस नाले में गई थी।
SDRF ने औपचारिक रूप से शव को बरामद करने के बाद उसे आगे की कानूनी प्रक्रियाओं के लिए स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया है।

























