गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजayan त्रिपाठी ने महाराजगंज में शिक्षक समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह शिक्षकों की समस्याओं से पूरी तरह अवगत हैं और उनके हक के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं।
डॉ. त्रिपाठी ने इस बात पर जोर दिया कि वह शिक्षकों के सामने आने वाली मुश्किलों को हल करने के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य शिक्षकों के अधिकारों और उनकी गरिमा को बनाए रखना है।
भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए
डॉ. संजayan त्रिपाठी के राजनीतिक सफर में एक बड़ा बदलाव 3 अक्टूबर 2026 को आया। इस दिन उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सपा में शामिल होने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में थे, लेकिन 2 अक्टूबर 2026 को उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी। यह कदम उन्होंने तब उठाया जब भाजपा ने उन्हें एमएलसी चुनाव के लिए टिकट देने से इनकार कर दिया। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए डॉ. त्रिपाठी ने पहले कहा था कि वह भाजपा के भीतर खुद को घुटता हुआ महसूस कर रहे थे।
स्वतंत्र उम्मीदवारी और कॉलेज प्रबंधकों का समर्थन
समाजवादी पार्टी में शामिल होने से ठीक पहले, डॉ. त्रिपाठी ने 1 अक्टूबर 2026 को एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। उसी दिन उन्हें सेल्फ-फाइनांस्ड कॉलेज मैनेजर्स एसोसिएशन का औपचारिक समर्थन भी मिला।
इस एसोसिएशन ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने का वादा किया है क्योंकि उनका मानना है कि डॉ. त्रिपाठी विधान परिषद में सेल्फ-फाइनांस्ड कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और वहां के कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
शिक्षकों के लिए मुख्य प्राथमिकताएं और चुनावी दावे
डॉ. त्रिपाठी ने अपने चुनावी अभियान के दौरान शिक्षकों के लिए कुछ प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं। उनकी मुख्य मांगों और वादों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को फिर से बहाल करना।
- सेल्फ-फाइनांस्ड कॉलेजों के शिक्षकों के लिए मानदेय का प्रावधान करना।
8 अक्टूबर 2026 को डॉ. संजayan त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अपना नामांकन दोबारा दाखिल किया और अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शिक्षक समुदाय से किए गए अपने सभी वादों को पूरा करने का इरादा रखते हैं।

























