कानपुर के साध पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बेहटा बुजुर्ग गांव इलाके में 10 अक्टूबर 2026 को एक सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में 54 साल के एक व्यक्ति की जान चली गई, जिनकी पहचान भोला पाल के रूप में हुई है।
हादसे के समय भोला पाल साइकिल पर सवार थे, तभी उन्हें एक पिकअप ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर की वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रदर्शन
टक्कर के तुरंत बाद वहां मौजूद ग्रामीणों ने सक्रियता दिखाई और पिकअप ट्रक के ड्राइवर को पकड़ लिया। हादसे से गुस्साए लोगों ने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मुख्य मांग यह थी कि मृतक के परिवार को उचित न्याय मिले। स्थिति को संभालने के लिए भितरगांव चौकी के पुलिसकर्मी और स्थानीय कानून प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और ड्राइवर को हिरासत में लेने पहुंची, तब एक घटना घटी। इस दौरान एक वीडियो सामने आया है जिसमें भितरगांव चौकी के सब-इंस्पेक्टर अजय गौतम कथित तौर पर हिरासत में लिए गए ड्राइवर को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं।
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलने के बाद पुलिस के व्यवहार और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस अधिकारी अब जनता के गुस्से को नियंत्रित करने और इस पूरे मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

























