All India Students Association (AISA) की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने 10 अक्टूबर को एक वीडियो बयान जारी किया है। उन्होंने दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं से अपील की है कि यदि गिरफ्तारियां होती हैं, तब भी वे अपने आंदोलन को जारी रखें।
नेहा बोरा ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि यदि वर्तमान नेतृत्व को हिरासत में ले लिया जाता है, तो अन्य कार्यकर्ता नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदर्शनकारियों को जहां भी रोका जाए, उन्हें वहीं धरने पर बैठ जाना चाहिए।
आवाज़ न दबाने और नेतृत्व संभालने की अपील
नेहा बोरा ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को अपनी आवाज़ दबानी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें ट्रेनों में रोका जाए, बसों में रोका जाए या मेट्रो में, उन्हें अपना विरोध जारी रखना होगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी स्थिति में पीछे न हटें। नेतृत्व की अनुपस्थिति में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को ही आगे आकर आंदोलन का संचालन करना होगा।
विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांगें और ऐतिहासिक संदर्भ
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन मुख्य रूप से दो बड़ी मांगों को लेकर किया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांगें इस प्रकार हैं:
- इलेक्टोरल रोल्स के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वापस लिया जाए।
- चीफ इलेक्शन कमिश्नर Gyanesh Kumar अपना इस्तीफा दें।
नेहा बोरा ने अपने संबोधन में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐतिहासिक आंदोलन नेताओं की गिरफ्तारी से नहीं रुके थे और ठीक उसी तरह यह प्रदर्शन भी जारी रहेगा।









