8 अक्टूबर, 2026 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी “ब्लैक डे” विरोध प्रदर्शन के तहत अयोध्या में प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
अयोध्या में होने वाले इस प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को स्थानीय अधिकारियों द्वारा उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया ताकि वे इन प्रदर्शनों में शामिल न हो सकें।
शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
अजय राय की नजरबंदी के बावजूद शहर के अलग-अलग इलाकों में विरोध गतिविधियां जारी रहीं। प्रदर्शनकारियों ने टेढ़ी बाजार चौराहे और राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
इन प्रदर्शनों का नेतृत्व अयोध्या महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कृष्ण मिश्रा रानू ने किया। स्थानीय पुलिस ने इन आयोजनों के दौरान हस्तक्षेप किया जिसके बाद कई पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें पुलिस लाइन्स भेज दिया गया।
नजरबंद किए गए कांग्रेस नेता और सुरक्षा इंतजाम
प्रशासन ने राज्य अध्यक्ष के अलावा कई अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं को भी नजरबंद रखा था। नजरबंद किए गए नेताओं की सूची इस प्रकार है:
- पूर्व जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव
- मीडिया समन्वयक ललन कुमार
- शिवपूजन पांडेय
- संजय तिवारी
- अंकुर खत्री (निर्मल खत्री के पुत्र)
- उग्रसेन मिश्रा
- अंबरिश कुमार पांडेय
- चेतनरयण सिंह
- राजेंद्र प्रताप सिंह
- वेद कमल
पूरे दिन शहर में भारी पुलिस बल तैनात रहा क्योंकि प्रदर्शनों के दौरान तनाव बना हुआ था। इस विरोध प्रदर्शन के तहत कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क से रामपथ होते हुए एक मार्च भी निकाला था।









