अयोध्या के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) डॉ गौरव ग्रोवर ने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और सुलझाने के लिए एक जन सुनवाई का आयोजन किया। यह कार्यक्रम SSP ऑफिस में आयोजित किया गया, जहाँ आम लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
इस सत्र के दौरान SSP ने जनता द्वारा पेश की गई विभिन्न शिकायतों को ध्यान से सुना। उन्होंने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जिन शिकायतों के लिए आगे की जांच की जरूरत थी, उनके लिए SSP ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन मामलों का निपटारा तेजी से और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
डॉ गौरव ग्रोवर ने इस बात पर जोर दिया कि जनता के मामलों को कुशलता और संवेदनशीलता के साथ संभालना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर शिकायतों को हल करने के लिए निर्देशित किया।
पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और नियम
यह पहल उत्तर प्रदेश पुलिस और अयोध्या पुलिस प्रशासन के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य कानून प्रवर्तन को अधिक जवाबदेह बनाना और सामुदायिक सेवा को मजबूत करना है।
यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशों के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि पुलिसकर्मी जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान को प्राथमिकता दें और चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डिजिटल सेवाओं और पोर्टल का उपयोग
प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार Integrated Grievance Redressal System (IGRS) पोर्टल का उपयोग कर रही है। इस पोर्टल के जरिए शिकायतों की निगरानी की जाती है और इनके समाधान के लिए 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है।
अयोध्या पुलिस जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल करने के लिए डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा रही है। इसमें निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं:
- आम जनता के साथ सीधा संवाद और बातचीत।
- ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज करने की डिजिटल सुविधा।
- IGRS पोर्टल के माध्यम से शिकायतों की ट्रैकिंग।









